Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बड़े टूर्नामेंट से पहले शारीरिक और मानसिक मजबूती जरूरी, PV Sindhu ने किया बड़ा खुलासा

    Updated: Thu, 26 Jun 2025 08:27 PM (IST)

    बेंगलुरु साई सेंटर में स्पो‌र्ट्स साइंस में मांसपेशियों की मूवमेंट को बेहतर करने के लिए पहुंचीं भारतीय शटलर पीवी सिंधू। उन्‍होंने कहा कि 2028 लॉस एंजि ...और पढ़ें

    भारतीय शटलर पीवी सिंधू

    भारतीय शटलर पीवी सिंधू

    HighLights

    1. पीवी सिंधू ने अपनी आगामी तैयारियों के बारे में खुलासा किया

    2. सिंधू ने कहा कि उनका फोकस एशियन टूर्नामेंट और ओलंपिक पर रहेगा

    3. सिंधू ने बताया कि स्‍पोर्ट्स साइंस तकनीक से इंजरी का खतरा कम हुआ

    जागरण संवाददाता, बेंगलुरु। टूर्नामेंट कोई भी हो हर खिलाड़ी को मुकाबले से पहले शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रहना पड़ता है। जीत और हार हर मैच का हिस्सा है और खिलाड़ी को इससे परे रहकर खेल पर फोकस करते रहना चाहिए।

    2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक से पहले मेरा फोकस जापान और चीन के साथ एशियन टूर्नामेंट पर होगा। जिसे अपनी फाइनल तैयारियों के रूप में लेकर बैडमिंटन कोर्ट में उतरूंगी। यह बातें दो बार की ओलंपिक पदक विजेता बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने कहीं।

    सिंधू बेंगलुरु स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के स्पो‌र्ट्स साइंस में आगामी टूर्नामेंट से पहले मांसपेशियों के मूवमेंट की जांच के लिए पहुंचीं।

    इंजरी का खतरा कम हो गया

    सिंधू ने कहा, 'खेल में जब से स्पो‌र्ट्स साइंस तकनीक का प्रयोग शुरू हुआ है। तब से खिलाड़‍ियों में इंजरी का खतरा कम हो गया है। यहां पर तकनीक की मदद से इंजरी से पहले ही उसकी गंभीरता को जांच कर उसे दुरुस्त किया जा सकता है। बेंगलुरु साई सेंटर उभरते हुए खिलाड़‍ियों के साथ ही पैरा ओलंपिक और चोटिल खिलाड़‍ियों का रिहैब करने का केंद्र बन गया है।'

    उन्‍होंने आगे कहा, 'यहां पर खिलाड़‍ियों की संपूर्ण जांच के बाद उसमें होने वाले बदलाव पर काम किया जाता है। जो खिलाड़ी को इंजरी से बचाता है। बड़े टूर्नामेंट की मानक युक्त तैयारियों के लिए साई सेंटर में कोच और संसाधन हैं।'

    खबरें और भी

    खेल बदल रहा है

    खेल में हो रहे बदलाव पर सिंधू ने कहा कि समय के साथ खेल बदल रहा है। अब खेल में तेजी और अटैक करने की शैली देखने को मिल रही है। इसके लिए भी विशेष तैयारी कर रहीं हूं। सरकार की मदद से खेल और खिलाड़‍ियों को बढ़ावा मिल रहा है।

    हर बड़े टूर्नामेंट से पहले खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खिलाड़‍ियों से वार्ता कर उनका मनोबल बढ़ाते हैं। खेलो इंडिया युवाओं के लिए बेहतर मंच साबित हो रहा है।

    साई स्पो‌र्ट्स साइंस में ये सुविधाएं

    - कार्डियो पल्मोनरी व्यायाम परीक्षण।
    - स्पाइरोमीटर से एथलीट के फेफड़ों की क्षमता का आकलन
    - पोर्टेबल रक्त लैक्टेट से एथलीट के व्यायाम के दौरान शरीर में रक्त के स्तर को मापना
    - हाइपोक्सिक चैंबर से एथलीट के प्रदर्शन को बेहतर करने के लिए आक्सीजन की खपत दर्शाना
    - मसल ऑक्सीमीटर से एथलीट की मांसपेशियों में आक्सीजन के प्रयोग की गणना करना
    - मोनार्क पीक बाइक से एथलीट की एनारोबिक क्षमता को मापना
    - इनर्शियल माप इकाई सेंसर युक्त पैटर्न से एथलीट के जोड़ों की गतिविधियों को थ्री डी रूप में दिखाना
    - सरफेस इएमजी से मांसपेशियों की गतिविधियों को मापकर चोट की रोकथाम करना
    - स्मार्ट इनसोल्स से दौड़ने के दौरान पैरों के दबाव का विश्लेषण करना
    - आइसोकाइरनेटिक डायनामोमीटर शरीर के जोड़ों पर दबाव दर्शाना