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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Paris Olympics 2024: ओलिंपिक से पहले बोलीं मीराबाई चानू, सबसे अच्छी तैयारी भी विफल हो सकती है; मैं अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगी

    Updated: Fri, 21 Jun 2024 08:36 PM (IST)

    मीराबाई चानू ने कहा मेरे लिए चोटों का प्रबंधन और तनाव मुक्त रहना महत्वपूर्ण। मुझे वही चीजें करनी होंगी जिससे मुझे उबरने में मदद मिली। हम खिलाडि़यों के ...और पढ़ें

    चानू पेरिस ओलिंपिक का मौका खराब नहीं करना चाहतींं। इमेज- सोशल मीडिया
    चानू पेरिस ओलिंपिक का मौका खराब नहीं करना चाहतींं। इमेज- सोशल मीडिया

    HighLights

    1. पेरिस ओलिंपिक में 90 किग्रा का वजन उठाने का प्रयास करेंगी चानू
    2. चानू का स्नैच में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 88 किग्रा है
    3. एशियाई खेलों में चानू कूल्हे की चोट से परेशान थीं

     पीटीआई, नई दिल्ली: ओलिंपिक रजत पदक विजेता भारोत्तोलक मीराबाई चानू को लगता है कि पेरिस खेलों में उनकी सफलता उनकी चोटों से मुक्त रहने की क्षमता पर निर्भर करेगी क्योंकि वह इस महासमर की स्नैच स्पर्धा में 90 किग्रा का वजन उठाने का प्रयास करेंगी। चानू 49 किग्रा वजन वर्ग में प्रतिस्पर्धा करती हैं। उन्होंने कहा कि सात अगस्त को उनकी स्पर्धा तक उनका ध्यान मासंपेशियों को चोटों मुक्त रखने और स्नैच में कम से कम 90 किग्रा का वजन उठाने के लिए तकनीक सुधारने पर लगा है।

    मेरे लिए तनाव मुक्‍त रहना जरूरी

    चानू ने कहा, "मेरे लिए चोटों का प्रबंधन और तनाव मुक्त रहना महत्वपूर्ण होगा। मुझे वही चीजें करनी होंगी जिससे मुझे उबरने में मदद मिली।" उन्होंने कहा, "हम खिलाडि़यों के लिए चोटें और दर्द साथी होते हैं। ये कब परेशान करना शुरू कर दें, आपको नहीं पता। हमें इन पर विजय पाना होगी और पेरिस ओलिंपिक से पता चलेगा कि मैं खेल के इन पहलुओं को कितना नियंत्रित करने में कामयाब हुई।"

    चानू को रहती पीठ की समस्‍या

    चानू का स्नैच में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 88 किग्रा तथा क्लीन एवं जर्क में 119 किग्रा का है। वह चोटों से जूझती रही हैं और पीठ की समस्या तो हमेशा ही रहती है। एशियाई खेलों में वह कूल्हे की चोट से परेशान थीं, जिससे वह पांच महीने तक खेल से दूर रहीं। यह स्टार भारोत्तोलक एशियाड पदक नहीं जीत सकी है।

    पेरिस ओलिंपिक का मौका खराब नहीं करना चाहती

    चानू ने कहा, "एशियाई खेलों की चोट के बाद विश्व कप मेरी पहली प्रतियोगिता थी। मैं निश्चित रूप से और चोट लगने से डरी हुई थी। मैं पेरिस ओलिंपिक का मौका खराब नहीं करना चाहती थी। इसलिए चोट का डर था।" चानू और उनकी टीम जुलाई के पहले हफ्ते में फ्रांस के ले फर्टे-मिलोन जाएगी, जिससे उन्हें ओलिंपिक से पहले परिस्थितियों से सांमजस्य बिठाने के लिए एक महीने का समय मिल जाएगा।

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