बच्चों की फोन चलाने की लत से हैं परेशान? स्क्रीन टाइम कम करने के लिए अपनाएं ये 5 स्मार्ट तरीके

Updated: 2026-03-30, 13:07 IST

बच्चों में फोन की बढ़ती लत गंभीर समस्या है, लेकिन इसे कंट्रोल करना जरूरी है। बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करने के लिए पेरेंट्स कुछ टिप्स अपना सकते हैं।

बच्चों में बढ़ती फोन की लत1/7

बच्चों में बढ़ती फोन की लत

आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन, टैबलेट और टीवी बच्चों के जीवन का हिस्सा बन गए हैं। जहां एक ओर इंटरनेट जानकारी का भंडार है, वहीं दूसरी ओर स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए चुनौती बनता जा रहा है।

स्क्रीन टाइम कंट्रोल कैसे करें?2/7

स्क्रीन टाइम कंट्रोल कैसे करें?

बच्चों को पूरी तरह तकनीक से दूर रखना मुमकिन नहीं है, लेकिन उनके स्क्रीन टाइम को स्मार्ट तरीके से मैनेज करना बेहद जरूरी है। अगर आप भी अपने बच्चे की स्क्रीन की लत से परेशान हैं, तो यहां दिए गए 5 टिप्स आपके काम आ सकते हैं।

डिजिटल फ्री जोन और टाइम सेट करें3/7

डिजिटल फ्री जोन और टाइम सेट करें

घर के कुछ हिस्सों और समय को पूरी तरह नो गैजेट जोन बना दें, जैसे- डाइनिंग टेबल पर खाना खाते समय और बेडरूम में सोने से एक घंटा पहले किसी भी स्क्रीन का इस्तेमाल बिल्कुल बैन होना चाहिए। डाइनिंग टेबल पर बिना फोन के बैठने से परिवार के बीच बातचीत बढ़ती है, जो बच्चों के सामाजिक विकास के लिए जरूरी है और सोने से पहले फोन का इस्तेमाल न करने से बेहतर नींद आती है।

खुद को रोल मॉडल की तरह पेश करें4/7

खुद को रोल मॉडल की तरह पेश करें

बच्चे वही नहीं करते जो हम उन्हें कहते हैं, बल्कि वे वही करते हैं जो हमें करते हुए देखते हैं। अगर आप खुद हर वक्त फोन स्क्रॉल करते रहेंगे, तो बच्चा भी वही सीखेगा। बच्चों के सामने फोन का सिर्फ जरूरत भर इस्तेमाल करें और उनके साथ बिताए जाने वाले समय में गैजेट्स को खुद से दूर रखें। आपकी एक्टिविटी उन्हें प्रेरित करेगी।

स्क्रीन टाइम के बदले आउटडोर टाइम का नियम5/7

स्क्रीन टाइम के बदले आउटडोर टाइम का नियम

एक आसान नियम बनाएं, जितना समय बच्चा स्क्रीन पर बिताएगा, उतना ही समय उसे शारीरिक खेल या बाहरी गतिविधियों में बिताना होगा। पार्क जाना, साइकिल चलाना या कोई खेल खेलना न केवल स्क्रीन से ध्यान हटाता है, बल्कि यह बच्चों की शारीरिक सेहत और गहरी नींद के लिए भी जरूरी है।

कंटेंट की क्वालिटी पर ध्यान दें6/7

कंटेंट की क्वालिटी पर ध्यान दें

स्क्रीन टाइम हमेशा बुरा नहीं होता, बशर्ते कंटेंट सही हो। केवल समय सीमित करने के बजाय यह देखें कि बच्चा देख क्या रहा है। पढ़ाई-लिखाई से जुड़े वीडियो, कोडिंग गेम्स या डोक्यूमेंट्री देखने के लिए प्रोत्साहित करें। बच्चे के साथ बैठकर कुछ देखना भी एक अच्छा तरीका है, जिससे आप उनसे उस कंटेंट पर चर्चा कर सकते हैं।

बोरियत को क्रिएटिविटी में बदलें7/7

बोरियत को क्रिएटिविटी में बदलें

अक्सर पेरेंट्स बच्चे के थोड़ा सा बोर होते ही उनके हाथ में फोन थमा देते हैं। बोरियत बच्चों में क्रिएटिविटी को जन्म दे सकती है। जब बच्चे के पास स्क्रीन नहीं होगी, तो वह खुद को बिजी रखने के लिए पेंटिंग, ब्लॉक बिल्डिंग, कहानी पढ़ना या मिट्टी के खिलौने बनाने जैसे ऑप्शन खोजेगा। उन्हें खाली समय का आनंद लेना सिखाएं।