पान्ता भात से लेकर बासी भात तक, पेट को AC जैसी ठंडक देंगे ये देसी सुपरफूड्स
गर्मियों में पेट को ठंडक देने वाले ट्रेडिशनल डिशेज में फर्मेंटेड चावल से बने डिश खास स्थान रखते हैं। ये डिश न सिर्फ टेस्टी होते हैं, बल्कि आंतों के लिए फायदेमंद प्रोबायोटिक्स से भरपूर होते हैं।
1/10गर्मियों के लिए खास व्यंजन
हमारे खानपान में कई ऐसी डिशेज हैं जो सिर्फ स्वाद ही नहीं, स्वास्थ्य के लिहाज से भी काफी फायदेमंद होती हैं। ऐसे में गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने और डाइजेस्टिव सिस्टम को दुरुस्त रखने के लिए फर्मेंटेड (खमीर उठे हुए) चावल से बनी डिशेज बहुत ही फायदेमंद मानी जाती हैं। यह परंपरा खासकर ग्रामीण भारत में पीढ़ियों से चली आ रही है।
2/10रात के बचे चावल से बनाएं डिशेज
रात के बचे चावल को पानी में भिंगोकर रखने से वह नेचुरली फर्मेंट होते हैं, जिससे उनमें प्रोबायोटिक तत्व पनपते हैं। ऐसे चावल न सिर्फ शरीर को ठंडक देते हैं बल्कि आंतों की सेहत सुधारने, कब्ज, गैस व एसिडिटी में भी राहत देते हैं। तो आइए जानते हैं देश के विभिन्न हिस्सों से फर्मेंटेड चावल से बने ऐसे ही कुछ डिशेज के बारे में-
3/10पान्ता भात (बंगाल)
बंगाल का यह ट्रेडिशनल डिश गर्मियों में खूब खाया जाता है। रात का पका चावल पानी में भिंगोकर सुबह सरसों का तेल, हरी मिर्च, कच्चा प्याज़ और नमक डालकर खाया जाता है। यह शरीर को ठंडा रखता है और डाइजेशन को दुरुस्त भी करता है।
4/10चड्डान्नम (आंध्र प्रदेश)
आंध्र में इसे ‘पेरुगु अन्नम’ भी कहा जाता है। यह डिश दही, बासी चावल, करी पत्ता और सरसों के तड़के से तैयार होती है। इसे सुबह नाश्ते में लिया जाता है।
5/10बासी भात (बिहार)
बिहार में बासी भात को ठंडे पानी में भिगोकर, उसमें नमक, कच्चा प्याज, नींबू या सरसों तेल मिलाकर खाया जाता है। यह न सिर्फ स्फूर्ति देता है, बल्कि लू से भी बचाता है।
6/10पखला भात (ओडिशा)
पखला भात ओडिशा का ट्रेडिशनल डिश है जिसमें फर्मेंटेड चावल को दही, हरी मिर्च, नींबू और कभी-कभी साग या सब्जी के साथ परोसा जाता है।
7/10पजहम कांजी (केरल)
यह मलयाली डिश बासी चावल को मट्ठा या दही में मिलाकर बनता है। कभी-कभी इसमें आम या इमली का स्वाद भी डाला जाता है।
8/10रागी कूज (तमिलनाडु)
इसमें रागी और चावल को मिलाकर कूज बनाया जाता है,जो चावल के साथ फर्मेंट होकर बनता है। इसमें छाछ, कच्चे प्याज, हरी मिर्च,नमक व डालकर तैयार किया जाता है।
9/10उपले भात (झारखंड)
झारखंड के गांवों में चावल को पानी में भिगोकर, सरसों तेल, नमक और कभी सत्तू के साथ खाया जाता है। यह बेहद ठंडक देने वाला होता है।
10/10पोइता भात (असम)
असमिया घरों में यह चावल रातभर पानी में भिगोकर रखा जाता है। सुबह इसे सरसों तेल, प्याज, हरी मिर्च और नींबू के साथ खाया जाता है।