बंगाल में भाजपा और तमिलनाडु में टीवीके ने तोड़ा तिलिस्म, बदल गया राजनीतिक नक्शा
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों ने देश के राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं। बंगाल में भाजपा, तमिलनाडु ...और पढ़ें

बंगाल में 200 के पार भाजपा, तमिलनाडु में विजय की विक्ट्री।
HighLights
बंगाल में भाजपा ने दो तिहाई बहुमत से TMC का तिलिस्म तोड़ा
तमिलनाडु में टीवीके ने DMK को सत्ता से बाहर किया
असम में भाजपा ने लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे दिखाते हैं कि, मतदाताओं ने बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में बदलाव के लिए मतदान किया है। वहीं, असम और पुडुचेरी में सता रूढ़ दल की वापसी के लिए वोट दिया है। भाजपा ने बंगाल में इस बार दो तिहाई बहुमत हासिल कर सतारूढ़ टीएमसी के तिलिस्म को तोड़ दिया।
TVK ने DMK को सत्ता से किया बाहर
इसी तरह से विजय की पार्टी टीवीके ने तमिलनाडु में अप्रत्याशित प्रदर्शन करते हुए डीएमके को सता से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। कांग्रेस ने केरलम की सता में मजबूत वापसी की है, तो पुडुचेरी में राजग सरकार ने अपनी सता को बनाए रखा है। 2021 की तुलना में इस बार के चुनाव के बाद पांच राज्यों का राजनीतिक नक्शा कुछ इस तरह दिख रहा है।
कुछ इस तरह बदल गया राजनीतिक नक्शा
बंगाल में 200 के पार भाजपा
बंगाल की राजनीति में बड़ा परिवर्तन हुआ है, जहां ऐतिहासिक जीत के साथ भाजपा की पहली बार सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। पार्टी ने 200 के आंकड़े को भी पार कर लिया और ममता बनर्जी की पार्टी दो अंकों में सिमट गई।

तमिलनाडु में विजय की पार्टी को मिली सबसे ज्यादा सीटें
तमिलनाडु में 234 सीटों के चुनाव में विजय की पार्टी टीवीके ने सबसे बड़ा उलटफेर किया। बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों के आंकड़े की ओर बढ़ते हुए टीवीके ने द्रविड़ राजनीति के पारंपरिक द्विध्रुव को तोड़ दिया है।
द्रमुक एवं अन्नाद्रमुक दोनों ही पीछे छूट गए। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपनी सीट तक नहीं बचा सके। विजय की नई छवि, संतुलित बयानबाजी और लोकलुभावन वादों ने मतदाताओं को आकर्षित किया है।

असम में BJP की हैट्रिक
असम में भाजपा ने लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी कर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। 126 सीटों वाली विधानसभा में पार्टी ने सहयोगियों के साथ मिलकर स्पष्ट बहुमत प्राप्त कर लिया है।
हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में सरकार ने विकास कार्यों, कल्याणकारी योजनाओं और घुसपैठ के मुद्दे पर निर्णायक काम किया था। इसके सामने कांग्रेस पूरी तरह पिछड़ गई और उसके मुख्यमंत्री पद के दावेदार गौरव गोगोई को भी हार का सामना करना पड़ा। वहीं हिमंत ने छठी बार जीत हासिल की है।

केरलम में UDF को बहुमत
केरलम में दस वर्षों के बाद सत्ता परिवर्तन के संकेत स्पष्ट हैं। कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने बहुमत की ओर बढ़त बनाई है। यहां लंबे समय से वामपंथी एलडीएफ की राजनीति मजबूत थी, जो इस बार पूरी तरह पिछड़ गया।
हालांकि नतीजे बता रहे हैं कि कांग्रेस को सुकून से सरकार बनाने-चलाने के लिए सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के समर्थन पर निर्भर रहना पड़ेगा।

पुडुचेरी में NDA को बहुमत
पुडुचेरी में NDA ने बहुमत पाकर सत्ता की राह साफ कर ली है। NDA ने 17 सीटों पर जीत हासिल कर दमदार प्रदर्शन दिखाया है। चुनाव रिजल्ट में AINRC सबसे बड़ा दल बनकर उभरा, जिसने 12 सीटों पर जीत हासिल की।
वहीं, BJP ने 4 विधानसभा सीटें जीतीं और AIADMK ने 1 सीट पर कामयाबी पाई। इस प्रकार NDA गठबंधन का कुल आंकड़ा 17 विधानसभा सीटों तक पहुंच गया, जो बहुमत के लिए काफी है।

भाजपा ने इन पांचों राज्यों में चुनाव के दौरान सहयोगी दलों के साथ संतुलन बनाए रखा, जिसका लाभ मिला देखने को मिला।
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