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    'कांग्रेस में कौन है सड़ा आम', मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी पर भाजपा ने यूं ली चुटकी

    Updated: Thu, 11 Sep 2025 09:03 PM (IST)

    भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की खराब आम वाली टिप्पणी पर सवाल उठाया कि कांग्रेस में सड़ा आम कौन है। खरगे ने कहा ...और पढ़ें

    मल्लिकार्जुन खरगे पर भाजपा का तंज। (फाइल फोटो)
    मल्लिकार्जुन खरगे पर भाजपा का तंज। (फाइल फोटो)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा खराब प्रदर्शन करने वाले नेताओं की तुलना ''खराब आम'' से करने वाली टिप्पणी पर चुटकी लेते हुए भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने गुरुवार को सवाल किया कि खरगे किसकी बात कर रहे थे।

    उन्होंने पूछा कि कांग्रेस में सड़ा आम कौन है। खरगे ने बुधवार को गुजरात के जूनागढ़ में जिला कांग्रेस अध्यक्षों के उद्घाटन प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया था कि इससे पहले कि आम की पूरी पेटी सड़े, उससे पहले खराब आमों को हटा देना चाहिए। वह समझौता करने वाले और काम न करने वाले नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाने के पार्टी के हालिया रुख को दोहरा रहे थे।

    'कभी-कभी खरगे सच बोल देते हैं'

    उन्होंने एक आंतरिक रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि गुजरात की 41 में से 19 शहर और जिला कांग्रेस इकाइयां प्रदर्शन में पिछड़ रही हैं। खरगे की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए पूनावाला ने कहा कि कभी-कभी खरगे सच बोलते हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रदर्शन न करने वाले कांग्रेस नेता सड़े हुए आम की तरह हैं जो पूरी पेटी खराब कर देंगे।

    अभिषेक बनर्जी पर भी साधा निशाना

    एएनआई के अनुसार, पूनावाला ने तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधा। बनर्जी ने दावा किया था कि उपराष्ट्रपति चुनाव में पैसे देकर सांसद खरीदे गए।

    पूनावाला ने पूछा कि क्या वह स्वयं विपक्षी गठबंधन आइएनडीआईए के सांसदों की विश्वसनीयता और ईमानदारी पर सवाल उठा रहे हैं। कहा कि जनता में अविश्वास पैदा करना आइएनडीआईए के नेताओं की आदत बन गई है। महाराष्ट्र चुनाव, हरियाणा चुनाव, बिहार चुनाव पर निराधार आरोप लगाने के बाद राहुल गांधी ने उपराष्ट्रपति चुनाव पर भी सवाल उठाए और वोट चोरी का आरोप लगाया। अब तृणमूल के भाई-भतीजावाद के पैरोकार अभिषेक बनर्जी ने भी कहा है कि सांसदों को 15-20 करोड़ रुपये देकर खरीदा गया था। वह क्या कहना चाहते हैं। क्या वह यह कहना चाहते हैं कि आइएनडीआई के सांसद टिकाऊ नहीं हैं। वे भ्रष्ट हैं।

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    (न्यूज एजेंसी आईएएनएस और एएनआई के इनपुट के साथ)

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