यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पीएम मोदी के जन्मदिन पर भाजपा के SC मोर्चा का 'संपर्क अभियान', 70 दिनों में 75,000 बस्तियों को किया जाएगा कवर
भाजपा एससी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने कहा कि एससी समुदाय से भाजपा का वोट शेयर काफी बढ़ा है। आर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा को ...और पढ़ें

नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर को है। पीएम मोदी के जन्मदिन पर भाजपा कई तरह के कार्यक्रम आयोजित करेगी। भारतीय जनता पार्टी का एससी मोर्चा देशभर में 75,000 अनुसूचित जातियों (SC) की बस्तियों में 'संपर्क अभियान' चलाएगा। यह अभियान 17 सितंबर से लेकर 26 नवंबर संविधान दिवस तक चलेगा।
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए भाजपा एससी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने कहा कि संपर्क अभियान 75,000 बस्तियों को कवर करेगा। 70 दिनों के दौरान एससी समुदाय के 7,500 लड़कियों और लड़कों से भी संपर्क किया जाएगा, जो हॉस्टल में रहते हैं। उन्हें पीएम मोदी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराया जाएगा। भाजपा नेता ने कहा कि एससी मोर्चा के सदस्य गांवों में लोगों से चर्चा करेंगे। मुद्दों को समझाने के लिए पांच लोगों की विशेष टीम बनाई जाएगी।
आर्य ने कहा कि ये विशेष टीम देखेगी कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक कैसे पहुंचे। साथ ही उनका काम पार्टी के जनाधार का विस्तार करना होगा। वे पार्टी के बारे में लोगों की गलतफहमियों को दूर करने की कोशिश भी करेंगे।

एससी समुदाया से भाजपा का बढ़ा वोट शेयर
साथ ही उन्होंने कहा कि एससी समुदाय से भाजपा का वोट शेयर काफी बढ़ा है। आर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा को पिछली बार की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक जादव वोट (Jadav Votes) मिले। पश्चिम बंगाल में भाजपा को लगभग 16 से 17 प्रतिशत एससी वोट मिले हैं। गरीबों के लिए भाजपा सरकार की कल्याणकारी योजना के परिणामस्वरूप वोट शेयर में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि एससी मोर्चा भी समुदाय के उत्थान के लिए लगातार काम कर रहा है।
खबरें और भी
पार्टी में एससी कार्यकर्ता भी हैं बढ़ें
आर्य ने कहा कि पार्टी हमेशा सामाजिक-आर्थिक न्याय को बढ़ावा देती है। उदाहरण के लिए केंद्र में 12 मंत्री बनाए गए हैं। पहले एससी समुदाय से केवल पांच राज्यसभा सदस्य थे, अब यह एससी समुदाय से सात हो गए हैं। राष्ट्रीय स्तर पर एससी समुदाय का एक महासचिव का पद आरक्षित है। राज्य के साथ-साथ जिले में भी महासचिव का पद आरक्षित है। उनके कारण एससी कार्यकर्ता भी बढ़े हैं और सभी राज्यों में कार्यकर्ताओं ने एससी वोट बैंक बढ़ाने का काम भी किया है।