यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'शाहजहां शेख को ईडी के सुपुर्द क्यों नहीं कर रही ममता सरकार', बीजेपी बोली- बंगाल पुलिस की मेहमान नवाजी में टीएमसी नेता
बीजेपी ने संदेशखाली मामले में टीएमसी नेता शाहजहां शेख की गिरफ्तारी को लेकर ममता सरकार पर निशाना साधा है। बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि शाहजहा ...और पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संदेशखाली मामले का मास्टरमाइंड और टीएमसी नेता शाहजहां शेख आखिरकार गिरफ्तार हो गया है। पश्चिम बंगाल की पुलिस ने शाहजहां को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे 10 दिन की हिरासत में भेज दिया है। शाहजहां की गिरफ्तारी के बाद बीजेपी ने बंगाल की ममता सरकार पर निशाना साधा है।
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर टीएमसी पर हमला बोला है। बीजेपी नेता ने कहा कि 56 दिन तक गायब रहने के बाद अचानक शाहजहां शेख की गिरफ्तारी हो गई, लेकिन संदेशखाली के विषय पर महिलाओं के अत्याचार की कोई भी धारा, दुष्कर्म या दुष्कर्म को प्रेरित करने की कोई भी धारा नहीं लगाई गई है।
यह भी स्पष्ट है कि बंगाल सरकार के रुख का संदेशखाली की घटनाओं से कोई संबंध नहीं है। अगर शाहजहां को ईडी से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया गया है तो बंगाल सरकार उन्हें ईडी को क्यों नहीं सौंप रही है?
ममता सरकार में महफूज शाहजहां
सुधांशु ने आगे कहा कि शाहजहां शेख महफूज ठिकाने पर ममता सरकार की दामन-ए-रहमत में कहीं पर महफूज था। अब उसे दोबारा हिफाजत दी गई ताकि उसे ED या CBI गिरफ्तार ना कर ले। वो पश्चिम बंगाल पुलिस की मेहमान नवाजी में चला गया है। मैं मेहमान नवाजी इसलिए कह रहा हूं, क्योंकि गिरफ्तारी के दौरान शाहजहां शेख की जो बॉडी लैंग्वेज थी, वह किसी गुनहगार की नहीं लग रही थी।
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मुगलिया मानसिकता का प्रतीक
बीजेपी नेता ने ये भी कहा कि इंडी अलायंस और TMC जवाब दे कि शाहजहां शेख जो विक्टरी साइन दिखा रहा था, उसका क्या मतलब है? ये वही बात है, महिलाओं पर यातना, अत्याचार को विजय का प्रतीक बनाना ये मध्य कालीन मुगलिया मानसिकता का प्रतीक है। ममता सरकार आज वही मानसिकता दिखा रही है।