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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lok Sabha Elections: चुनावी तालमेल की कांग्रेस ने बढ़ाई गति महाराष्ट्र में सहमति, तमिलनाडु तय; तृणमूल से बातचीत जारी

By Jagran News Edited By: Anurag Gupta
Updated: Fri, 23 Feb 2024 08:38 PM (IST)

विपक्षी गठबंधन आइएनडीआइ के दलों के साथ 2024 के चुनावी तालमेल को सिरे चढ़ाने को गति देने में जुटी कांग्रेस की महाराष्ट्र में भी सहयोगी दलों के साथ सीट ...और पढ़ें

विपक्षी आईएनडीआईए में सीट बंटवारे को लेकर चर्चा (फाइल फोटो)
विपक्षी आईएनडीआईए में सीट बंटवारे को लेकर चर्चा (फाइल फोटो)

HighLights

  1. सपा-आप के साथ सीट बंटवारा तय होने के बाद महाराष्ट्र में भी फार्मूले पर सहयोगी दल लगभग राजी
  2. कांग्रेस, शिवसेना यूबीटी लगभग बराबर तो पवार की एनसीपी आठ-नौ सीटों पर लड़ेगी चुनाव

संजय मिश्र, नई दिल्ली। विपक्षी गठबंधन आइएनडीआइ के दलों के साथ 2024 के चुनावी तालमेल को सिरे चढ़ाने को गति देने में जुटी कांग्रेस की महाराष्ट्र में भी सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे पर लगभग सहमति बन गई है। महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी के घटक दलों के बीच लोकसभा सीटों के बंटवारे का फार्मूला तय होने के बाद कांग्रेस की ओर से साफ संकेत दिए गए हैं कि इसकी घोषणा भी अगले कुछ दिनों के भीतर कर दी जाएगी।

ममता के साथ संवाद का सिलसिला जारी

तमिलनाडु में द्रमुक के साथ सीटों के बंटवारे की बातचीत भी अंतिम दौर में पहुंच गई है और कांग्रेस को यहां गठबंधन में किसी तरह की अड़चन की आशंका नहीं है। वहीं, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के साथ गठबंधन की उम्मीद पार्टी ने अभी भी नहीं छोड़ी है और इस बारे में कांग्रेस हाईकमान और ममता बनर्जी के स्तर पर संवाद का सिलसिला अभी जारी है।

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के साथ लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे का एलान होने के बाद आइएनडीआइए के अन्य सहयोगी दलों से तालमेल की गुत्थी सुलझाने में कांग्रेस ने अपनी ताकत झोंक दी है। सपा के बाद गुरुवार को आम आदमी पार्टी के साथ दिल्ली, गुजरात और हरियाणा में लोकसभा सीट बंटवारे पर कांग्रेस की सहमति बन गई जिसकी पुष्टि आप के कई नेताओं द्वारा भी अब की जा चुकी है। हालांकि, आप-कांग्रेस के सीट बंटवारा समझौते की औपचारिक घोषणा की अभी प्रतीक्षा है।

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महाराष्ट्र में सीट बंटवारे का फार्मूला तय

कांग्रेस सूत्रों ने महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के साथ सीट बंटवारे का फार्मूला तय हो जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि इसकी घोषणा में भी अब ज्यादा विलंब नहीं होगा। महाविकास अघाडी में शामिल इन तीनों दलों के बीच महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों के लिए जो फार्मूला तय हो रहा है उसमें कांग्रेस और शिवसेना यूबीटी के खाते में लगभग बराबर-बराबर 18-20 सीटें आएंगी तो पवार की एनसीपी 8-9 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। प्रकाश अंबडेकर, राजू शेटृटी जैसे नेताओं के साथ कुछ अन्य छोटी पार्टियों के लिए ये तीनों ही पार्टियां अपने खाते से सीटें देकर उनको विपक्षी गठबंधन की छतरी में लाएंगी।

मुंबई में महाविकास अघाड़ी सीट बंटवारे की घोषणा होने के बाद अपनी पहली संयुक्त रैली की तैयारी भी कर रहा है। मुंबई में 13 मार्च को राहुल गांधी की समाप्त हो रही भारत जोड़ो न्याय यात्रा के समापन पर प्रस्तावित रैली और महाविकास अघाड़ी की रैली को संयुक्त रैली में भी बदला जा सकता है।

DMK के साथ अंतिम दौर में सीट बंटवारे की चर्चा 

द्रमुक के साथ कांग्रेस का गठबंधन सबसे सहज माना जाता रहा है। हालांकि, दोनों के बीच एक-दो सीटों को लेकर अभी कशमकश जारी है, लेकिन कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि तमिलनाडु में सीट बंटवारे की चर्चा अंतिम दौर में है और अगले कुछ ही दिन में इसकी घोषणा हो जाएगी। द्रमुक तमिलनाड़ की 39 में से आठ सीटें कांग्रेस को देने के लिए तैयार है। इन आठों सीट पर कांग्रेस के सिटिंग सांसद हैं।

पिछली बार तमिलनाडु की नौ सीटों के साथ पुड्डुचेरी की एकमात्र सीट समझौते में कांग्रेस को मिली थी। कांग्रेस का पूरा जोर अधिक नहीं तो पिछले फार्मूले को कायम रखने पर है। पार्टी के एक वरिष्ठ रणनीतिकार ने कहा,

मुख्यमंत्री स्टालिन के कांग्रेस नेतृत्व से बेहतर रिश्ते हैं और सीट बंटवारे की घोषणा में अब केवल उचित समय का इंतजार रह गया है।

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तृणमूल कांग्रेस से गठबंधन को लेकर सकारात्मक संकेत देते हुए उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर बातचीत चल रही है और ऐसे में तालमेल की संभावनाएं कायम है।

मालूम हो कि ममता बनर्जी ने कांग्रेस को केवल दो सीटें देने की पेशकश की थी जिस पर वह सहमत नहीं हुई, तो दीदी ने लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने की एकतरफा घोषणा पिछले महीने ही कर दी थी और बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ममता पर लगातार हमलावर रहे हैं। हालांकि, इसके बावजूद कांग्रेस ने तृणमूल से गठबंधन का प्रयास छोड़ा नहीं है और राहुल गांधी ने भी कुछ मौकों पर ममता बनर्जी से बातचीत जारी रहने का बयान दिया था।