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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    G20 Summit: कांग्रेस का पीएम मोदी पर हमला, जयराम रमेश बोले- पर्यावरण पर प्रधानमंत्री का बयान केवल दिखावा

    By AgencyEdited By: Mahen Khanna
    Updated: Sun, 10 Sep 2023 03:42 PM (IST)

    G20 Summit कांग्रेस ने आज जी20 शिखर सम्मेलन में पर्यावरण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी को दिखावा करार दिया और दावा किया कि उनकी वैश्विक चर्च ...और पढ़ें

    G20 Summit जयराम रमेश ने पीएम पर बोला हमला।
    G20 Summit जयराम रमेश ने पीएम पर बोला हमला।

    नई दिल्ली, एजेंसी। G-20 Summit को लेकर कांग्रेस पार्टी कई बार केंद्र सरकार और भाजपा पर हमला बोल चुकी है। इस बीच कांग्रेस ने आज जी20 शिखर सम्मेलन में पर्यावरण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी को दिखावा करार दिया और दावा किया कि उनकी ''वैश्विक चर्चा'' का सच कुछ और ही है।

    जयराम रमेश ने पीएम पर कसा तंज

    कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मोदी सरकार पर भारत की पर्यावरण सुरक्षा को व्यापक रूप से खत्म करने और वनों पर निर्भर आदिवासी समुदायों के अधिकारों को छीनने का आरोप लगाया। जयराम ने एक पोस्ट में कहा,

    जी20 और विश्व स्तर पर अन्य शिखर सम्मेलनों में प्रधानमंत्री के बयान सरासर दिखावा है। भारत के जंगलों और जैव विविधता के लिए आदिवासियों की सुरक्षा को नष्ट किया गया और वन-निवास समुदायों के अधिकारों को कमजोर करने वाले अब पर्यावरण की बात करते हैं।

    ग्लोबल टॉक पूरी तरह से 'लोकल वॉक' से अलग

    रमेश ने एक बयान में कहा कि G-20 Summit में ग्लोबल टॉक पूरी तरह से 'लोकल वॉक' से अलग है। उन्होंने कहा कि 2014 में दूरदर्शन पर छात्रों के साथ बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा था, "माहौल नहीं बदला है, हम बदल गए हैं। जयराम ने आगे कहा कि "पीएम दिखावा करने में बहुत आगे निकल गए हैं।

    कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पर्यावरण के महत्व के बारे में खोखले बयान देने के लिए जी20 शिखर सम्मेलन का इस्तेमाल किया है।

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    बता दें कि जी20 देशों ने शनिवार को कहा कि उनका लक्ष्य 2030 तक वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करना है और राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुरूप कोयला से उत्पन्न बिजली को चरणबद्ध तरीके से कम करने के प्रयासों में तेजी लाना है। हालांकि, यहां तेल और गैस सहित सभी प्रदूषण फैलाने वाले जीवाश्म ईंधन को चरणबद्ध तरीके से बंद करने की प्रतिबद्धता नहीं जताई गई।

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