यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Karnataka: BJP से हाथ मिलाते ही JDS में लगी इस्तीफों की झड़ी, पार्टी उपाध्यक्ष समेत कई नेताओं ने दिया इस्तीफा
कर्नाटक की सियासी तस्वीर बदली-बदली सी नजर आ रही है। कभी कांग्रेस के साथ सत्ता में भागीदार रही जेडीएस ने अब भाजपा का दामन थाम लिया है। दोनों पार्टियां ...और पढ़ें

HighLights
- BJP से हाथ मिलाने पर JDS की प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष ने पार्टी से दिया इस्तीफा
- BJP और JDS मिलकर लड़ेगी 2024 का लोकसभा चुनाव
- पूर्व मुख्यमंत्री एडी कुमारस्वामी ने JDS के NDA में शामिल होने का किया एलान
बेंगलुरु, एएनआई। Karnataka Politics: कभी कर्नाटक में कांग्रेस के साथ सत्ता में रही जनता दल (सेक्युलर) ने अब भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janata Party) का दामन थाम लिया है। दोनों दल मिलकर 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। हालांकि, उससे पहले जेडीएस (JDS) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी की राज्य इकाई के उपाध्यक्ष सैयद शफीउल्लाह साहेब (Syed Shafiulla Saheb) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
सैयद शफीउल्लाह ने क्या कहा?
सैयद शफीउल्लाह ने अपना इस्तीफा जेडीएस के प्रदेश अध्यक्ष के पास भेज दिया है। शफीउल्लाह ने कहा कि उन्होंने जेडीएस छोड़ने का फैसला इसलिए लिया है, क्योंकि उनकी पार्टी ने बीजेपी से हाथ मिला लिया है।
शफीउल्लाह ने अपने इस्तीफे में लिखा- मैंने समाज और समुदाय की सेवा करने के लिए कड़ी मेहनत की है। चूंकि मेरी पार्टी के वरिष्ठ नेता अब भाजपा के साथ हाथ मिलाने का फैसला कर रहे हैं। इसलिए मेरे पास पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
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कई नेताओं ने दिया इस्तीफा
न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों का हवाला देते हुए बताया कि शफीउल्लाह के अलावा, जनता दल सेक्युलर शिवमोग्गा के अध्यक्ष , एम श्रीकांत और यूटी आयशा फरजाना समेत कई नेताओं ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
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22 सितंबर को एनडीए में शामिल हुई जेडीएस
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पार्टी जेडीएस ने 22 सितंबर को कर्नाटक में भाजपा के साथ गठबंधन करने की घोषणा की, जिसके बाद जेडीएस औपचारिक रूप से एनडीए यानी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल हो गई। पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद यह एलान किया।
भाजपा को 25 सीटों पर मिली थी जीत
गौरतलब है कि जेडीएस ने पिछला लोकसभा चुनाव कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ा था। हालांकि, उसे हार का सामना करना पड़ा। भाजपा ने राज्य की 28 में से 25 सीटों पर जीत दर्ज की। भाजपा समर्थित एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भी मांड्या लोकसभा सीट से जीत हासिल की थी।