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खरगे ने 'शुद्धीकरण' घटना पर एफआईआर का बनाया दबाव, बोले- कांग्रेस डरने वाली नहीं

Published: Fri, 04 Sep 2026 07:45 AM (IST)

कांग्रेस अध्यक्ष ने इस मामले में एफआईआर की मांग करने वाले राहुल गांधी पर उलटे हुई एफआईआर की निंदा करते ...और पढ़ें

खरगे ने 'शुद्धीकरण' घटना पर एफआईआर का बनाया दबाव (फोटो- पीटीआई)

खरगे ने 'शुद्धीकरण' घटना पर एफआईआर का बनाया दबाव (फोटो- पीटीआई)

HighLights

  1. खरगे बोले- उलटे राहुल पर एफआईआर करना निंदनीय, ऐसी कोशिशों से डरने वाली है नहीं कांग्रेस

  2. पार्टी का शीर्ष नेतृत्व सीधे तौर पर इसे छुआछूत का मामला बता रहा है

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कांग्रेस जेन-जी छात्रों के बाद हाथ आए हल्द्वानी "शुद्धीकरण" विवाद में दलित समुदाय के अपमान पर भाजपा की घेरेबंदी की कोशिशें छोड़ नहीं रही है। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व सीधे तौर पर इसे छुआछूत का मामला बताते हुए भाजपा नेतृत्व पर कार्रवाई के लिए दबाव बना रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के दिए आश्वासन के बावजूद शुद्धीकरण घटना पर अब तक एफआईआर नहीं होने पर उन्हें पत्र लिखकर सवाल उठाते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इसमें शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश देने की बात कही है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने इस मामले में एफआईआर की मांग करने वाले राहुल गांधी पर उलटे हुई एफआईआर की निंदा करते हुए साफ कहा है कि कि ऐसी कोशिशों से कांग्रेस डरने वाली नहीं है।

हल्द्वानी के रामलीला मैदान में खरगे की रैली के बाद शुद्धीकरण किए जाने के मामले को 13 अगस्त को राज्यसभा में उठाए जाने के बाद नेता सदन जेपी नड्डा के आश्वासन पर अमल नहीं होने का जिक्र करते हुए राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष ने दो सितंबर को उन्हें पत्र लिखा है।

खरगे ने गुरुवार को पत्र साझा किया जिसमें नड्डा को याद दिलाया गया है कि राज्यसभा में उन्होंने घटना पर खेद जताते हुए दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही थी, लेकिन आश्चर्य है कि 24 दिन बाद भी इस "घिनौनी हरकत" में शामिल संगठनों और व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर नहीं की गई है।

खरगे ने कहा कि वे दलित समाज से आते हैं पर यह उनका निजी मामला नहीं, बल्कि देश के उन करोड़ों एसी-एसटी लोगों की भावनाओं से गहराई से जुड़ा है जो रोजाना सामाजिक भेदभाव की इस कठोर सच्चाई का सामना करते हैं।

इसलिए वह फिर से नड्डा से आग्रह कर रहे हैं कि वह राज्यसभा में दिए आश्वासन के अनुरूप उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को निर्देश दें कि "शुद्धीकरण" की घटना में शामिल व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करें।

कांग्रेस अध्यक्ष ने मीडिया से बातचीत में शुद्धीकरण मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कुछ बुरा होता है तो वे चुप रहते हैं और अगर वह दलित होते और उन्हें मेरे जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता तो क्या वह चुप रहते?