यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Maharashtra Assembly Election: शरद पवार की पार्टी ने EC को लिखा पत्र, मिलते-जुलते चुनाव चिन्हों को हटाने का किया अनुरोध
महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले शरदचंद्र पवार के नेतृत्व वाली पार्टी एनसीपी ने भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा कि पिछले साल उन्होंने जो एन ...और पढ़ें

पीटीआई, मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिख कर एनसीपी (एसपी) के चुनाव चिन्ह से मिलते-जुलते चुनाव चिन्हों को हटाने का अनुरोध किया है। एनसीपी (एसपी) ने आयोग से अनुरोध किया है कि पिछले साल उन्हें जो 'तुतारी' चिन्ह आवंटित किया गया था, वह 'पिपानी/तुरही'से मिलता है। उसे चुनाव चिह्नों से बाहर कर दिया जाए।
एक जैसे चुनाव चिन्हों की वजह से हुआ नुकसान
एनसीपी (एसपी) का दावा है कि यह चुनाव चिन्ह उनकी पार्टी के चुनाव चिन्हों से भ्रामक रूप से मिलते-जुलते हैं। शरदचंद्र पवार की पार्टी ने तर्क दिया कि निर्दलीय उम्मीदवारों को "तुरहा/तुतारी" जैसे चुनाव चिन्ह आवंटित करने से एनसीपी (एसपी) को काफी नुकसान हुआ है और यह समान अवसर बनाने के सिद्धांत के खिलाफ है।
एनसीपी (एसपी) ने निर्वाचन आयोग से लगाई गुहार
बता दें कि एनसीपी में बंटवारे के बाद चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनावों से पहले एनसीपी (सपा) को 'तुतारी' प्रतीक दिया था। अपनी याचिका में एनसीपी (एसपी) ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया कि वह इस साल अक्टूबर में होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले इन भ्रामक चुनाव चिन्हों को तुरंत वापस ले लें या हटवा दें।
एनसीपी (एसपी) के उम्मीदवार को निर्दलीय ने हराया
पार्टी ने निर्दलीय उम्मीदवार संजय गाडे का उदाहरण दिया, जिन्होंने सतारा सीट से तुरही प्रतीक पर चुनाव लड़ा और 37062 वोट हासिल किए, जिसके कारण एनसीपी (एसपी) के उम्मीदवार शशिकांत शिंदे 32771 वोटों के मामूली अंतर से हार गए। शिंदे को 538363 वोट मिले, जबकि विजयी उम्मीदवार भाजपा के उदयनराजे भोसले को 571134 वोट मिले।