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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Udhayanidhi Stalin के समर्थन में उतरे कार्ति चिदंबरम; मनोज झा ने कबीर का दोहा सुनाकर नेता का किया बचाव

    By Jagran NewsEdited By: Piyush Kumar
    Updated: Mon, 04 Sep 2023 11:52 AM (IST)

    डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को लेकर एक विवादित टिप्पणी की। उदयनिधि स्टालिन बयान के खिलाफ भाजपा ने डीएमके और विपक्षी गठबंधन के खिलाफ मो ...और पढ़ें

    सनातन धर्म के खिलाफ विवादित टिप्पणी देकर विवादों में घिरे उदयनिधि स्टालिन के बचाव में उतरे कई नेता।(फोटो सोर्स: जागरण)
    सनातन धर्म के खिलाफ विवादित टिप्पणी देकर विवादों में घिरे उदयनिधि स्टालिन के बचाव में उतरे कई नेता।(फोटो सोर्स: जागरण)

    HighLights

    1. विदुथालाई चिरुथैगल कच्ची ने उदयनिधि स्टालिन के बयान का किया समर्थन।
    2. मनोज झा ने कबीर दास का दोहा सुनाकर उदयनिधि स्टालिन का किया समर्थन।
    3. उदयनिधि स्टालिन के बयान पर कांग्रेस ने साधी चुप्पी।

    नई दिल्ली, जेएनएन। तमिलनाडु सरकार में मंत्री उदयनिधि स्टालिन (Udhayanidhi Stalin on Sanatana Dharma) ने 'सनातन धर्म को मिटाने' के मुद्दे को लेकर हो रहे एक सम्मेलन में भाग लेते हुए कह दिया कि सनातन धर्म मलेरिया डेंगू की तरह है जिसे मिटाना जरूरी है। उदयनिधि स्टालिन के इस बयान पर देशभर में सियासी हंगामा खड़ा हो गया। 

    भाजपा ने उदयनिधि स्टालिन के बयान की कड़ी निंदा करते हुए पूरी विपक्षी गठबंधन को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। केंद्रीय मंत्री अमित शाह (Amit Shah)  से लेकर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा तक (JP Nadda) ने दयानिधि स्टालिन के जरिए डीएमके और आई.एन.डी.आई.ए. पर निशाना साधा है।

    उदयनिधि स्टालिन के बचाव में उतरे कार्ति चिदंबरम

    वहीं, विपक्षी दलों के कई नेताओं की मानें तो उदयनिधि स्टालिन के बयान का बचाव भी किया है।  तमिलनाडु की शिवगंगा सीट से कांग्रेस सांसद और पू्र्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने उदयनिधि के बयान का बचाव किया। उन्होंने कहा कि  सनातन धर्म एक कास्ट हायरार्कियल सोसायटी के लिए कोड के अलावा और कुछ नहीं है। जाति भारत का अभिशाप है।

    मनोज झा ने भी उदयनिधि का किया समर्थन

    वहीं, राष्ट्रीय जनता दल के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने रविवार को उदयनिधि के बयान का बचाव किया था। उन्होंने उदयनिधि स्टालिन के बचाव के लिए कबीर दास का उदाहरण दिया था। उन्होंने कबीर दास का दोहा सुनाया जो इस प्रकार है-

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    जो तू ब्राह्मण ब्राह्मणी जाया, आन बाट काहे नहीं आया।

    जो तू तुरुक तुरुक नी जाया, अंदर खतना क्यूं न कराया।

    अगर आज के समय कबीर ऐसा कहते तो उन्हें क्या फांसी पर लटका दिया जाता। हिंदुस्तान का एक मिजाज रहा है। कई लोगों को सनातन धर्म में कई विसंगतियां दिखती हैं। क्या जाति व्यवस्था अच्छी चीज है। अगर किसी ने कुछ कह दिया तो लेकर उड़ गए।

    विदुथालाई चिरुथैगल कच्ची ने दिया अंबेडकर का उदाहरण

    इसके अलावा, आई.एन.डी.आई.ए. गठबंधन में शामिल विदुथालाई चिरुथैगल कच्ची (VCK) ने भी उदयनिधि स्टालिन के बयान का समर्थन किया है। VCK चीफ थिरुमावलावन ने कहा  कि अंबेडकर ने सनातन धर्म को संक्रामक रोग बताया था। भविष्य में इसे मिटाकर नष्ट कर देना चाहिए तभी हम लोगों के बीच समानता ला सकते हैं।  

    कांग्रेस ने साधी चुप्पी तो भाजपा ने किया पलटवार 

    उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म वाले बयान पर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने चुप्पी साध ली है। सोमवार को  उदयनिधि के सनातन धर्म पर दिए बयान को लेकर भाजपा ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा,"उदयनिधि ने सनातन धर्म का अपमान किया है, उदयनिधि के बयान पर राहुल गांधी की चुप्पी चौंकाने वाली है।"

    भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म पर दिए गए बयान पर राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव जैसे नेताओं की चुप्पी चौंकाने वाली है।