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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'सच के आगे सत्ता का अहंकार ज्यादा दिन नहीं टिकेगा', Rahul को HC से झटके के बाद प्रियंका गांधी का आया बयान

    By Mahen KhannaEdited By: Mahen Khanna
    Updated: Fri, 07 Jul 2023 01:53 PM (IST)

    Modi Surname Remark गुजरात हाई कोर्ट से राहुल गांधी को राहत न मिलने के बाद कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने केंद्र पर निशाना साधा है। प्रियंका ने अप्रत ...और पढ़ें

    Modi Surname Remark प्रियंका गांधी का केंद्र पर निशाना।
    Modi Surname Remark प्रियंका गांधी का केंद्र पर निशाना।

    नई दिल्ली, ऑनलाइल डेस्क। Modi Surname Remark राहुल गांधी को गुजरात हाई कोर्ट से राहत न मिलने के बाद कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी का भी बयान सामने आया है। प्रियंका ने अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि अहंकारी सत्ता चाहती है कि हम सत्ता से सवाल न करें, लेकिन हम करते रहेंगे।

    सरकार पर साधा निशाना

    प्रियंका ने कहा,

    अहंकारी सत्ता सच को दबाने के लिए हर हथकंडे आजमा रही है, जनता के हितों से जुड़े सवालों से भटकाने के लिए साम, दाम, दंड, भेद, छल, कपट सब अपना रही है। लेकिन, सत्य, सत्याग्रह, जनता की ताकत के सामने न तो सत्ता का अहंकार ज्यादा दिन टिकेगा और न ही सच्चाई पर झूठ का परदा। राहुल गांधी जी ने इस अहंकारी सत्ता के सामने जनता के हितों से जुड़े सवालों की ज्योति जलाकर रखी है। 

    राहुल जनता के सवाल पूछते रहेंगे

    प्रियंका ने ट्विटर पर किए एक लंबे पोस्ट में कहा कि सच को बाहर लाने के लिए राहुल हर कीमत चुकाने को तैयार हैं और तमाम हमलों व अहंकारी भाजपा सरकार के हथकंडों के बावजूद एक सच्चे देशप्रेमी की तरह जनता से जुड़े सवालों को उठाने से पीछे नहीं हटे हैं। जनता का दर्द बांटने के कर्तव्य पथ पर डटे हुए हैं और डटे रहेंगे।

    कांग्रेस नेता ने आगे कहा,

    हंकारी सत्ता चाहती है कि जनता के हितों के सवाल न उठें, अहंकारी सत्ता चाहती है कि देश के लोगों की जिंदगियों को बेहतर बनाने वाले सवाल न उठें, अहंकारी सत्ता चाहती है कि उनसे महंगाई पर सवाल न पूछे जाएं, युवाओं के रोजगार पर कोई बात न हो, किसानों की भलाई की आवाज न उठे, महिलाओं के हक की बात न हो, श्रमिकों के सम्मान के सवाल को न उठाया जाए।