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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ram Mandir: 'कारसेवकों पर गोली चलाने वाले आ रहे हैं, लेकिन कांग्रेस नहीं' राम मंदिर समारोह का निमंत्रण ठुकराने पर भड़की बीजेपी

By Agency Edited By: Piyush Kumar
Published: Thu, 11 Jan 2024 12:09 PM (IST)Updated: Thu, 11 Jan 2024 12:11 PM (IST)

कांग्रेस नेताओं के रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल न होने पर भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने प्रतिक्रिया दी है। ...और पढ़ें

कांग्रेस ने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने से इनकार कियो तो भाजपा ने साधा निशाना।(फोटो सोर्स: जागरण)
कांग्रेस ने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने से इनकार कियो तो भाजपा ने साधा निशाना।(फोटो सोर्स: जागरण)

HighLights

  1. चंद कट्टरपंथी विचारधारा वाले लोगों के वोटों की वजह से कांग्रेस ने यह फैसला लिया: भाजपा
  2. कांग्रेस ने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह को बताया बीजेपी का इवेंट
  3. कांग्रेस ने हिंदू धर्म का विरोध दर्शााया है: भाजपा नेता

एएनआई, नई दिल्ली। Ram Mandir। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में कांग्रेस नेताओं के शामिल न होने पर भाजपा ने नाराजगी जाहिर की है। आज भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है।

उन्होंने कहा, "आपको (कांग्रेस) राम मंदिर उद्घाटन में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा गया, लेकिन चंद कट्टरपंथी वोटों के लिए आपने निमंत्रण ठुकरा दिया।"

कांग्रेस ने हिंदू धर्म का विरोध दर्शााया है: भाजपा नेता

भाजपा नेता ने आगे कहा," आप अपने को बदलकर दिखा सकते थे, आपने ऐसा नहीं किया। यह नेहरू का कांग्रेस है। यह महात्मा गांधी का कांग्रेस नहीं है। गांधी की समाधि पर लिखा है हे राम। इन्होंने इस अवसर को अपने हाथ से गंवाया है।"

सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा कि कांग्रेस ने हिंदू धर्म का विरोध दर्शााया है। चंद कट्टरपंथी विचारधारा वाले लोगों के वोटों की वजह से कांग्रेस ने यह फैसला लिया है।राम नाम कड़वा लगे और प्यारा लगे राम तो। दुविधा में दोनो गए, माया मिली न राम।"

भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी राजनीतिक प्रतिष्ठा समाप्त हो चुकी है।  आपको न्योता भेजा गया था। आपको सद्बुद्धि आई होती तो उनका पाप धुल जाता।

जनता कर रही कांग्रेस का बहिष्कार: भाजपा

सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा,"कांग्रेस ने नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार किया। कांग्रेस ने जी20 शिखर सम्मेलन का बहिष्कार किया। 2004 के बाद 2009 तक, कांग्रेस ने कारगिल विजय दिवस का बहिष्कार किया। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के नेतृत्व में मई 1998 में किए गए पोखरण परमाणु परीक्षण के बाद कांग्रेस ने 10 दिनों तक कोई बयान नहीं दिया। कांग्रेस ने अपनी पार्टी के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के भारत रत्न समारोह का भी बहिष्कार किया था। जनता भी उनका सत्ता से बहिष्कार कर रही है।"

भाजपा नेता ने यह भी कहा कि उन लोगों को निमंत्रण भेजा गया, जिन लोगों ने कारसेवकों और रामभक्तों पर गोलियां चलाई थी। वो लोग भी इस समारोह में शामिल होंगे, लेकिन कांग्रेस इस समारोह में नहीं आएगी। 

कांग्रेस नेताओं ने समारोह से किया किनारा 

बता दें कि बुधवार को कांग्रेस ने पत्र जारी करते हुए कहा कि अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा का समारोह भाजपा और आरएसएस का एक इवेंट है। इस समारोह में सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अधीर रंजन चौधरी शामिल नहीं होंगे।

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