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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Revanth Reddy: रेवंत रेड्डी होंगे तेलंगाना के नए मुख्यमंत्री, सात दिसंबर को लेंगे शपथ; कांग्रेस ने की घोषणा

    By Jagran NewsEdited By: Devshanker Chovdhary
    Updated: Tue, 05 Dec 2023 08:55 PM (IST)

    रेवंत रेड्डी तेलंगाना के अगले मुख्यमंत्री होंगे। वह सात दिसंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। कांग्रेस ने अपनी पार्टी मुख्यालय में मंगलवार को इसकी घो ...और पढ़ें

    रेवंत रेड्डी तेलंगाना के अगले मुख्यमंत्री होंगे। (फोटो- एएनआई)
    रेवंत रेड्डी तेलंगाना के अगले मुख्यमंत्री होंगे। (फोटो- एएनआई)

    HighLights

    1. तेलंगाना के सीएम के रूप में रेवंत रेड्डी के नाम पर लगी मुहर।
    2. सात दिसंबर को तेलंगाना के सीएम पद की शपथ लेंगे रेवंत रेड्डी।

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पुराने दिग्गजों की सियासी महत्वाकांक्षाओं को थामते हुए कांग्रेस ने रेवंत रेड्डी को तेलंगाना का नया मुख्यमंत्री बनाने का ऐलान कर दिया है। तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष लोकप्रिय युवा चेहरा माने जाने वाले रेवंत रेड्डी ने सत्ता की बागडोर थामने की रेस में सूबे के पुराने पार्टी दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया।

    सात दिसंबर को शपथ लेंगे रेवंत रेड्डी

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से राज्य कांग्रेस विधायक दल का नेता मनोनीत किए जाने के साथ ही तेलंगाना की नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है। रेवंत गुरूवार सात दिसंबर को तेलंगाना में कांग्रेस की पहली सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।

    कांग्रेस की नई सरकार में पुराने दिग्गजों को भी तवज्जो देते हुए शामिल किए जाएगा। नई सरकार के मंत्रियों के शपथ की तस्वीर अभी साफ नहीं हुई है मगर सूबे के नेताओं और सियासी समीकरण दोनों को साधने के लिए दो उपमुख्यमंत्री बनाने के फार्मूले पर गंभीरता से विचार कर रही है।

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    आलाकमान ने रेवंत रेड्डी पर दिखाया भरोसा

    तेलंगाना में कांग्रेस की चुनावी जीत के हीरो माने जा रहे रेवंत रेड्डी ही पार्टी हाईकमान की मुख्यमंत्री के लिए पसंद बनेंगे इसमें कोई संदेह नहीं था। लेकिन सूबे के पुराने कांग्रेसी रेवंत का विरोध करते हुए अपनी दावेदारी ठोक रहे थे। इसमें पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वरिष्ठ नेता उत्तम कुमार रेड्डी और निवर्तमान विधानसभा में नेता विपक्ष मल्लू भटटी विक्रमार्क से लेकर चुनाव से पहले ही कांग्रेस में आए पूर्व मंत्री कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी, पूर्व उपमुख्यमंत्री दामोदर राजनरसिम्हा आदि शामिल थे।

    खबरें और भी

    तीन दिसंबर को चुनाव नतीजे आने के अगले ही दिन हैदराबाद में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में प्रस्ताव पारित कर कांग्रेस अध्यक्ष को विधायक दल के नेता के चयन के लिए अधिकृत कर दिया गया। मल्लिकार्जुन खरगे ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी तथा संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और तेलंगाना के वरिष्ठ पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी संभाल रहे कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार से बातचीत के बाद सोमवार को ही रेवंत रेड्डी को मुख्यमंत्री बनाने का इरादा तय कर लिया।

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    तेलंगाना में क्या है कांग्रेस की रणनीति?

    चुनाव नतीजे आने के दो दिन के भीतर ही मुख्यमंत्री का नाम तय कर कांग्रेस ने तेलंगाना में किसी तरह की असहज सियासी स्थिति पैदा नहीं होने दी है। कांग्रेस हाईकमान के इरादे भांपने के बाद उत्तम रेड्डी और भटटी जैसे नेताओं ने अपनी दावेदारी को आगे बढ़ाते हुए रेवंत को सीएम बनाने का विरोध किया।

    हालांकि, विधायकों की रायशुमारी कर चुके डीके शिवकुमार ने हाईकमान को रिपोर्ट दे दी थी कि अधिकांश चुने हुए विधायक रेवंत रेड्डी को मुख्यमंत्री बनाने के पक्ष में हैं। इसके बाद खरगे ने भटटी और उत्तम रेड्डी को मंगलवार को दिल्ली बुलाया और उन्हें समझाया गया। राहुल गांधी ने भी रेवंत को ही सीएम के रूप में अपनी पसंद बताकर पुराने दिग्गजों के लिए ज्यादा गुंजाइश नहीं छोड़ी थी।

    हालांकि, अलग तेलंगाना राज्य के गठन के बाद पहली बार सूबे की सत्ता में आयी कांग्रेस पुराने नेताओं को नजरअंदाज भी नहीं करना चाहती इसलिए मंगलवार दोपहर को मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने आवास पर नई सरकार के गठन का रास्ता साफ करने के लिए वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई। इसमें राहुल गांधी, वेणुगोपाल, तेलंगाना कांग्रेस के प्रभारी माणिक राव ठाकरे, डीके शिवकुमार के साथ उत्तम रेड्डी और भटटी को भी बुलाया गया।

    कौन होंगे तेलंगाना के डिप्टी सीएम?

    इस बैठक में रेवंत रेड्डी के नाम पर इन नेताओं को सहमत करते हुए नई सरकार में उन्हें अहम भागीदारी देने का आश्वासन दिया गया। वेणुगोपाल ने इस बैठक के बाद कांग्रेस मुख्यालय में शाम को प्रेस कांफ्रेंस करते हुए रेवंत रेड्डी को कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा विधायक दल का नेता नियुक्त किए जाने के फैसले की घोषणा की।

    साथ ही कहा कि रेवंत सात दिसंबर को तेलंगाना के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। मुख्यमंत्री के साथ डिप्टी सीएम या मंत्रियों के शपथ लेने के सवाल पर वेणुगोपाल ने कहा कि इंतजार पूरी तस्वीर सहज प्रक्रिया के तहत सामने आ जाएगी। हालांकि, इस बात के पुख्ता संकेत हैं कि दलित समुदाय के वरिष्ठ नेता भट्टी विक्रमार्क को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है।

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    उत्तम रेड्डी समेत कई पुराने वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं को भी नई सरकार में अहम जिम्मेदारी मिलेगी और इस क्रम में दूसरा डिप्टी सीएम ओबीसी वर्ग के नेता को बनाने पर भी पार्टी विचार कर रही है। कांग्रेस के पुराने दिग्गजों को नरम करने के लिए वेणुगोपाल ने कहा कि बेशक चुनावी जीत का नेतृत्व करने वाले रेवंत रेड्डी मुख्यमंत्री होंगे मगर यह वन मैन शो नहीं होगा। कांग्रेस के सभी प्रमुख नेताओं को साथ लेकर नई सरकार एक टीम के रूप में काम करेगी और पार्टी की ओर से दी गई चुनावी गारंटियों को लागू करेगी।