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सिद्दरमैया बाहर, शिवकुमार का दौर शुरू... क्या कर्नाटक में खत्म हो गई कांग्रेस की मुश्किलें? दिल्ली में मंथन जारी

Published: Fri, 29 May 2026 05:30 PM (IST)

कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से सिद्दरमैया के इस्तीफे के बाद, उन्होंने डीके शिवकुमार के साथ दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान से ...और पढ़ें

सिद्दरमैया के इस्तीफे के बाद दिल्ली में मंथन नई कैबिनेट पर कांग्रेस की बड़ी बैठक (फाइल फोटो)

सिद्दरमैया के इस्तीफे के बाद दिल्ली में मंथन नई कैबिनेट पर कांग्रेस की बड़ी बैठक (फाइल फोटो)

HighLights

  1. सिद्दरमैया ने इस्तीफा दिया, डीके शिवकुमार के साथ दिल्ली पहुंचे।

  2. कांग्रेस आलाकमान से नई कैबिनेट गठन पर अहम चर्चा।

  3. डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की प्रबल संभावना।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद सिद्दरमैया अपने उत्तराधिकारी डीके शिवकुमार के साथ दिल्ली पहुंचे, जहां कांग्रेस नेतृत्व के साथ सरकार गठन और नई राजनीतिक व्यवस्था को लेकर अहम बैठकें हुईं।

दोनों नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मुलाकात की। इन बैठकों में नई कैबिनेट के गठन, राज्यसभा चुनाव और पार्टी में सिद्दरमैया की आगे की भूमिका पर चर्चा हुई। कांग्रेस अब कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के बाद की स्थिति को संभालने और डीके शिवकुमार के नेतृत्व में नई सरकार के गठन को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।

नई कैबिनेट पर शुरू हुआ मंथन

सूत्रों के मुताबिक सिद्दरमैया और डीके शिवकुमार ने पहले राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की और बाद में सोनिया गांधी के 10 जनपथ स्थित आवास पर चर्चा की। बातचीत का मुख्य विषय नई कैबिनेट की संरचना और राज्यसभा नामांकन रहा। बताया गया है कि सिद्दरमैया ने राहुल गांधी को मुख्यमंत्री के रूप में काम करने का मौका देने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर इस्तीफा दिया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार सिद्दरमैया फिलहाल दिल्ली जाकर राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के इच्छुक नहीं हैं। वह कर्नाटक की राजनीति में ही सक्रिय रहना चाहते हैं। इस दौरान उनके साथ मंत्री प्रियंक खरगे, केजे जॉर्ज और उनके बेटे तथा एमएलसी यतींद्र सिद्दरमैया भी मौजूद रहे।

डीके शिवकुमार ने की सिद्दरमैया की तारीफ

सिद्दरमैया के इस्तीफे के बाद डीके शिवकुमार ने पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया देते हुए उनके राजनीतिक सफर की सराहना की। उन्होंने कहा कि मैसूर जिले के एक गांव से मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने का सिद्दरमैया का सफर मेहनत, संघर्ष और जनसेवा का बड़ा उदाहरण है।

डीके शिवकुमार ने कहा, "भगवान इंसान को अवसर देता है, असली बात यह है कि हम उन अवसरों का उपयोग कैसे करते हैं। सिद्दरमैया का जीवन इसका बेहतरीन उदाहरण है।" उन्होंने यह भी कहा कि "अगर तेज चलना है तो अकेले चलो, लेकिन दूर तक जाना है तो साथ चलो।" शिवकुमार ने उम्मीद जताई कि दोनों नेता आगे भी कर्नाटक की जनता के हित में साथ काम करेंगे।

अब आगे क्या होगा?

कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक शनिवार शाम 4 बजे होने वाली है, जिसमें नए नेता का चुनाव किया जाएगा। पार्टी नेतृत्व इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक भी नियुक्त कर सकता है।

सीएलपी नेता चुने जाने के बाद वह राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। इसके बाद राज्यपाल बहुमत की पुष्टि कर नई सरकार गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे। संभावना है कि डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इसके बाद वह मंत्रियों की सूची सौंपेंगे और नई कैबिनेट का गठन होगा।

कैबिनेट गठन सबसे बड़ी चुनौती

नई सरकार में कैबिनेट गठन को सबसे संवेदनशील मुद्दा माना जा रहा है। चर्चा है कि कांग्रेस नेतृत्व सिद्दरमैया के करीबी नेताओं को भी सरकार में जगह देकर संतुलन बनाए रखने की कोशिश करेगा। मंत्रालयों का बंटवारा, उपमुख्यमंत्री पद और विभिन्न गुटों को प्रतिनिधित्व देने जैसे मुद्दों पर आने वाले दिनों में कई दौर की चर्चा हो सकती है।

सूत्रों के मुताबिक सिद्दरमैया अपने बेटे और समर्थक नेताओं को भी नई कैबिनेट में जगह दिलाने की कोशिश कर सकते हैं। इनमें उपमुख्यमंत्री पद की मांग भी शामिल हो सकती है। हालांकि मुख्यमंत्री पद को लेकर फैसला लगभग तय माना जा रहा है, लेकिन आने वाले दिन यह तय करेंगे कि नई सरकार में सिद्दरमैया का प्रभाव कितना बना रहता है और डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार का अंतिम स्वरूप क्या होगा।

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