यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Andhra Pradesh: भ्रष्टाचार के मामले में ACB कोर्ट में पेश हुए चंद्रबाबू नायडू, सरकारी अस्पताल में हुआ चेकअप
Skill Development Corporation Scam। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू को आज तड़के मेडिकल चेकअप के लिए विजयवाड़ा के ...और पढ़ें

HighLights
- Skill Development Corporation Scam मामले में चंद्रबाबू नायडू को एसीबी कोर्ट में किया गया पेश
- टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू का विजयवाड़ा के सरकारी अस्पताल में कराया गया मेडिकल चेकअप
- नौ सितंबर को चंद्रबाबू नायडू को किया गया था गिरफ्तार
विजयवाड़ा, एएनआई। तेलुगू देशम पार्टी (Telugu Desham Party) के प्रमुख और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू (Chandrababu Naidu) को रविवार तड़के मेडिकल जांच के लिए विजयवाड़ा के सरकारी अस्पताल में लाया गया। उन्हें सीआईडी के अधिकारियों की एक टीम अस्पताल लेकर आई थी। इसके बाद उन्हें एसीबी कोर्ट के समक्ष पेश किया गया।
चंद्रबाबू नायडू को एसीबी कोर्ट में किया गया पेश
सीआईडी अधिकारियों ने बताया कि मेडिकल जांच के बाद चंद्रबाबू नायडू को वापस एसआईटी कार्यालय ले जाया गया। उन्होंने बताया कि टीडीपी प्रमुख को विजयवाड़ा में विशेष भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी एसीबी की अदालत में पेश किया गया। अस्पताल के साथ-साथ एसीबी कोर्ट में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री का केस सुप्रीम कोर्ट के वकील सिद्दार्थ लूथरा और अधिवक्ताओं की एक टीम लड़ रही है। टीडीपी के कई वरिष्ठ नेता नायडू को अदालत में पेश करते समय परिसर में मौजूद रहे।
50 मिनट तक चला चेकअप
कुंचनपल्ली में एसआईटी कार्यालय में 10 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद सुबह 3:40 बजे नायडू को मेडिकल चेकअप के लिए विजयवाड़ा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। लगभग 50 मिनट तक चले चेकअप के बाद नायडू को वापस एसआईटी कार्यालय ले जाया गया।
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टीडीपी सांसद रविंद्र कुमार ने की गिरफ्तारी की निंदा
इससे पहले, टीडीपी सांसद रवींद्र कुमार ने शनिवार को वाईएसआर कांग्रेस सरकार और सीआईडी की निंदा की। उन्होंने सवाल किया कि पूर्व मुख्यमंत्री नायडू को गिरफ्तार किए जाने के 20 घंटे के बाद भी अदालत में क्यों पेश नहीं किया गया।
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राजनीतिक प्रतिशोध की वजह से हुई चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी
रविंद्र कुमार ने कहा कि टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध की वजह से हुई। उन्होंने कहा कि नायडू की गिरफ्तारी अवैध है। अगर सीआईडी ने मामला दर्ज कर लिया है और चार्जशीट तैयार है तो उसे पेश करने में देरी क्यों हो रही है।
टीडीपी सांसद ने कहा कि कौशल विकास केंद्र में केवल 10 फीसदी हिस्सा सरकार का था। बाकी 90 फीसदी फंड सीमेंस कंपनी (Siemens company) का था। इस बीच, टीडीपी ने अपने समर्थकों से नायडू की गिरफ्तारी के विरोध में आज प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में उपवास में हिस्सा लेने की अपील की।
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चंद्रबाबू नायडू को क्यों गिरफ्तार किया गया?
पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को कथित कौशल विकास निगम घोटाले के सिलसिले में शनिवार यानी नौ सितंबर को गिरफ्तार किया गया। मामला आंध्र प्रदेश में उत्कृष्टता केंद्र के समूहों की स्थापना से जुड़ा हुआ है, जिसका कुल अनुमानित परियोजना मूल्य 3300 करोड़ रुपये है।
सीआईडी ने दावा किया कि कथित धोखाधड़ी से राज्य सरकार को 300 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। जांच के दौरान भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। अधिकारियों के मुताबिक, सरकार द्वारा दी गई अधिकांश धनराशि फर्जी बिलों के माध्यम से शेल कंपनियों को भेज दी गई। बिलों में जिन वस्तुओं को दर्शाया गया, उनकी वास्तविक बिक्री नहीं हुई।