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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Manipur Violence: मंत्री राजकुमार रंजन सिंह को मणिपुर पर बोलने का मौका क्यों नहीं दिया गया: जयराम रमेश

By Jagran NewsEdited By: Versha Singh
Updated: Thu, 10 Aug 2023 10:56 AM (IST)

सदन में बीते बुधवार को जमकर हंगामा देखने को मिला। राहुल गांधी ने अविश्वास प्रस्ताव पर अपनी बात रखी तो वहीं स्मृति ईरानी ने भी राहुल गांधी पर जमकर हमला ...और पढ़ें

मंत्री राजकुमार रंजन सिंह को मणिपुर पर बोलने का मौका क्यों नहीं दिया गया
मंत्री राजकुमार रंजन सिंह को मणिपुर पर बोलने का मौका क्यों नहीं दिया गया

नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने गुरुवार को सरकार पर कटाक्ष किया। उन्होंने सवाल किया कि केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री राजकुमार रंजन सिंह, जिनके निजी आवास को मणिपुर में जला दिया गया, को भाजपा ने संसद में बोलने का मौका क्यों नहीं दिया? जबकि अन्य सभी मंत्री अविश्वास प्रस्ताव के दौरान बोले।

रमेश, जो कांग्रेस महासचिव संचार प्रभारी हैं, ने कहा, "अविश्वास प्रस्ताव के दौरान कई मंत्रियों ने लोकसभा में बात की है। ऐसा क्यों है कि लोकसभा में एकमात्र केंद्रीय राज्य मंत्री और भाजपा सांसद मणिपुर आंतरिक संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं , डॉ. राजकुमार रंजन सिंह, जिनका निजी आवास जला दिया गया, उन्हें भाजपा ने संसद में मणिपुर के लिए बोलने का मौका नहीं दिया?”

उनकी यह टिप्पणी केंद्रीय मंत्री अमित शाह और स्मृति ईरानी द्वारा लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव का विरोध करने के लिए सरकार की ओर से आगे बढ़कर नेतृत्व करने के एक दिन बाद आई है।

पूर्वोत्तर राज्य में झड़प के बाद मणिपुर में भीड़ ने डॉ. राजकुमार रंजन सिंह के आवास को आग लगा दी थी।

मणिपुर में 3 मई को दो समुदाय कुकी और मैतेई के बीच हिंसा भड़क उठी थी और तब से अब तक इस हिंसा में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है जबकि हजारों लोगों को राहत शिविरों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

मणिपुर को लेकर लोकसभा में भारतीय राष्ट्रीय विकास समावेशी गठबंधन (INDIA) के विपक्षी गुट की ओर से कांग्रेस द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है।

मंगलवार को इस बहस की शुरुआत कांग्रेस के लोकसभा सांसद गौरव गोगोई ने की थी।

बुधवार को राहुल गांधी और कई अन्य विपक्षी सांसदों ने सरकार की आलोचना की, जबकि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और अमित शाह ने अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ बात की।

गुरुवार को प्रधानमंत्री के जवाब के साथ अविश्वास प्रस्ताव समाप्त हो जाएगा।