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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Women Reservation Bill पर लोकसभा में लगी मुहर, समर्थन में पड़े 454 वोट; इन दो सांसदों ने विरोध में किया मतदान

    By Jagran NewsEdited By: Piyush Kumar
    Updated: Thu, 21 Sep 2023 08:14 AM (IST)

    महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में 454 और विपक्ष में महज दो वोट पड़े। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआइएमआइएम ने विधेयक का विरोध किया। इस पार्टी के लोकसभा मे ...और पढ़ें

    महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में लोकसभा के 454 सांसदों ने वोटिंग की।(फोटो सोर्स: एएनआई)
    महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में लोकसभा के 454 सांसदों ने वोटिंग की।(फोटो सोर्स: एएनआई)

    HighLights

    1. विधेयक के पक्ष में 454 वोट पड़े
    2. विपक्ष में महज दो वोट पड़े
    3. महिला सशक्तीकरण के मुद्दे पर एकजुट हों सांसद: अमित शाह

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। Women Reservation Bill। महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण के विधेयक पर बुधवार को संसद के निचले सदन लोकसभा की मुहर लग गई। सभी दलों ने एकजुट होकर विधेयक का समर्थन किया।

    विधेयक के पक्ष में 454 और विपक्ष में महज दो वोट पड़े। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआइएमआइएम ने विधेयक का विरोध किया। इस पार्टी के लोकसभा में दो सदस्य हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने सभी दलों से महिला सशक्तीकरण के मुद्दे पर दुनिया को एकजुट होकर संदेश देने का आह्वान किया।

    इन दो नेताओं ने विधेयक के पक्ष में नहीं किए वोट

    ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी और AIMIM के सांसद इम्तियाज जलील ने इस विधेयक के पक्ष में वोट नहीं किया। ओवैसी ने इस विधेयक को लेकर हुई चर्चा में शामिल होते हुए लोकसभा में सरकार से सवाल किया कि इसमें ओबीसी और मुस्लिम महिलाओं के लिए कोटा का निर्धारण क्यों नहीं है, जबकि उनका सदन में प्रतिनिधित्व बहुत कम है।

    जरूरत पड़ने पर संसोधित किया जा सकता है विधेयक: अमित शाह

    उन्होंने संकेत दिया कि सरकार विधेयक पर सुझावों को खुलेमन से स्वीकार करने को तैयार है और जरूरत पड़ने पर संशोधन किया जा सकता है। कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि महिला आरक्षण का मुद्दा पिछले 27 वर्षों से लंबित है और अब इसे अमली जामा पहनाने का समय आ गया है।

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    महिला आरक्षण विधेयक यूं तो कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की ओर से पेश किया गया था और आखिर में जवाब भी उन्होंने ही दिया। लेकिन मुख्य भूमिका में गृह मंत्री अमित शाह नजर आए।

    शाह ने कहा कि सरकार यह बिल चुनावी मजबूरी के कारण नहीं, बल्कि महिला सशक्तीकरण की स्वाभाविक प्रेरणा के कारण लाई है। विधेयक लाने के समय व इसे लागू करने में देरी की आशंकाओं के साथ सरकार की मंशा को लेकर विपक्ष के सवालों पर शाह ने पलटवार किया।

    देश सरकार, कैबिनेट और संसद से चलता है: अमित शाह

    केंद्र सरकार के 90 सचिवों में मात्र तीन सचिव ओबीसी से होने को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर शाह ने कहा कि कुछ लोग मानते हैं कि देश सचिव चलाते हैं। सच्चाई यह है कि देश सरकार, कैबिनेट और संसद से चलता है। शाह ने कहा कि सस्ते चुनावी वादे अलग बात है और जमीनी स्तर पर ओबीसी, दलितों और महिलाओं के उत्थान के लिए असल में काम करना दूसरी बात है।

    ओबीसी वर्ग पर क्या बोले पीएम मोदी?

    पीएम नरेन्द्र मोदी के ओबीसी वर्ग से आने की ओर इशारा करते हुए कहा,"इस देश में सिर्फ भाजपा ही ऐसी पार्टी है, जिसने ओबीसी पीएम दिया है। यही नहीं, भाजपा के कुल सांसदों में 29 प्रतिशत यानी 85 ओबीसी से हैं,उनमें से 29 ओबीसी सांसद मंत्रिमंडल में हैं। वहीं विधानसभाओं व विधानपरिषदों में भाजपा के ओबीसी सदस्यों की संख्या 27 प्रतिशत है।"

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