यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand Exit Poll: हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी से I.N.D.I.A को तगड़ा झटका! हर एग्जिट पोल में करारी हार का अनुमान
लोकसभा का चुनावी महासमर खत्म हो चुका है। किसे कितनी सीटें मिलेंगी? यह तो 4 तारीख को दोपहर तक साफ होगा लेकिन एग्जिट पोल में एक बार फिर भारी बहुमत मिलने ...और पढ़ें

HighLights
- झारखंड में इंडी गठबंधन की करारी हार का अनुमान
- इंडी गठबंधन को 2-5 सीटें मिलने का अनुमान
- हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी ने चुनाव-प्रचार को किया प्रभावित
डिजिटल डेस्क, रांची। चुनाव के बाद चुनाव सर्वेक्षण एजेंसियों ने एग्जिट पोल जारी दिए हैं। एग्जिट पोल के मुताबिक, भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए को देशभर में 300 प्लस सीटें मिलने का अनुमान है। झारखंड में भी भाजपा की लहर साफ देखी जा सकती है।
झारखंड की बात करें तो यहां पर महागठबंधन राज्य में सत्ता में होने के बावजूद बिल्कुल लाचार दिखा है। एग्जिट पोल के मुताबिक, झारखंड में भाजपा को 10-13 सीटें जीतने का अनुमान है। वहीं, इंडी गठबंधन को महज 4-1 सीटें मिल सकती हैं।
एग्जिट पोल के आंकड़े इस बात की सीधी तस्दीक कर रहे हैं कि जनता ने इंडी गठबंधन को एक तरीके से नकार दिया है। हेमंत सरकार पर लंबे समय से भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। मंत्री से लेकर आईएएस और खुद तत्कालीन सीएम हेमंत सोरेन जेल जा चुके हैं। भ्रष्टाचार के आरोपों ने राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन को धक्का पहुंचाया है। भ्रष्टाचार के एक के बाद एक लगते आरोपों ने भाजपा को झामुमो सरकार पर बार-बार हमला करने का मौका दिया।
चंपई और कल्पना सोरेन ने रैलियों में मोदी सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग और झारखंड के साथ भेदभाव और आदिवासियों का अपमान करने का आरोप लगाया, लेकिन चुनाव नतीजों पर इसका कोई भी असर दिखाई नहीं दे रहा है।
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इसके अलावा, हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी ने भी इंडी गठबंधन के चुनाव-प्रचार को प्रभावित किया। कल्पना सोरेन और सीएम चंपई सोरेन ने अपनी पूरी ताकत झोंकी, लेकिन शायद जनता तक अपनी बात पहुंचाने में नाकामयाब साबित हुए हैं। रांची में इंडी गठबंधन की महारैली के अलावा, कोई भी ऐसी बड़ी रैली नहीं हुई, जिसमें गठबंधन का कोई बड़ा नेता शामिल हुआ हो। इस कारण भी कार्यकर्ताओं और जनता में गलत संदेश गया।