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    गोल्डन टेंपल में AI जेनरेटेड तस्वीरों से बेअदबी, बिना सिर ढके दिखे हार्दिक पांड्या; सिख समुदाय में आक्रोश

    Updated: Sat, 21 Mar 2026 09:30 PM (GMT+05:30)

    श्री हरिमंदिर साहिब से जुड़े एआई-जनरेटेड वीडियो और तस्वीरों का विवाद गहरा रहा है। हाल ही में, क्रिकेटर हार्दिक पांड्या और युवराज सिंह को परिसर में बिन ...और पढ़ें

    कैप्शन: तस्वीर में हार्दिक पांड्या को कुछ इस तरह दिखाया गया है (जागरण)

    कैप्शन: तस्वीर में हार्दिक पांड्या को कुछ इस तरह दिखाया गया है (जागरण)

    HighLights

    1. एआई से श्री हरिमंदिर साहिब की विवादित तस्वीरें वायरल

    2. हार्दिक पांड्या, युवराज सिंह बिना सिर ढके दिखाए गए

    3. एसजीपीसी ने एआई दुरुपयोग पर सख्त कानून की मांग की

    जागरण संवाददाता, अमृतसर। श्री हरिमंदिर साहिब से जुड़े एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित वीडियो और तस्वीरों का विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इंटरनेट मीडिया पर कुछ नई एआई जनरेटेड तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्हें लेकर सिख समुदाय में भारी रोष देखा जा रहा है।

    वायरल हो रही इन तस्वीरों में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी युवराज सिंह और वर्तमान क्रिकेटर हार्दिक पांड्या को श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में बिना सिर ढके हुए दिखाया गया है। जबकि सिख धर्म में गुरुद्वारा साहिब में प्रवेश करते समय सिर ढकना अनिवार्य होता है।

    तस्वीरों में ये अभिनेता और क्रिकेटर शामिल

    तस्वीरों में यह भी देखा गया है कि अन्य प्रमुख हस्तियां जैसे विराट कोहली, महेंद्र सिंह धोनी और बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह को भी दर्शाया गया है, लेकिन उनके सिर ढके हुए हैं। इस भिन्नता के कारण लोगों को यह संदेह हो रहा है कि इन तस्वीरों को जानबूझकर इस प्रकार तैयार किया गया है, जिससे विवाद उत्पन्न हो और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचे।

    यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की एआई सामग्री को लेकर विवाद खड़ा हुआ हो। इससे पहले भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें एक कंकाल को पगड़ी पहनाकर श्री हरिमंदिर साहिब की परिक्रमा करते हुए दिखाया गया था।

    खबरें और भी

    वीडियो में यह भी दर्शाया गया कि वह कंकाल जूते पहनकर लंगर हाल में प्रवेश करता है और वहीं बैठकर लंगर ग्रहण करता है। सिख परंपराओं के अनुसार गुरुद्वारा परिसर में जूते पहनकर जाना पूरी तरह निषिद्ध है, इसलिए इस दृश्य को आपत्तिजनक माना गया। इस प्रकार की घटनाओं ने न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत किया है बल्कि एआई तकनीक के दुरुपयोग पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    एसजीपीसी ने कड़ा एतराज जताया

    इस पूरे मामले पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने कड़ा एतराज जताया है। कमेटी के अनुसार इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं। धार्मिक स्थलों और परंपराओं के साथ इस प्रकार की छेड़छाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

    एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की है कि एआई के दुरुपयोग को रोकने के लिए स्पष्ट और कठोर कानून बनाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।