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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    असम जेल में अमृतपाल की भूख हड़ताल, बीवी ने छोड़ा खाना; मिलने से रोका तो जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने की निंदा

    By Jagran NewsEdited By: Jeet Kumar
    Updated: Wed, 04 Oct 2023 04:36 PM (IST)

    असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल सिंह और उसके नौ साथियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। वहीं जेल के बाहर उसकी पत्नी किरणदीप ...और पढ़ें

    डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल सिंह भूख हड़ताल पर बैठा
    डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल सिंह भूख हड़ताल पर बैठा

    ऑनलाइन डेस्क, अमृतसर। Amritpal Singh on Hunger Strike:  'वारिस पंजाब दे' संगठन के प्रमुख और खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह ने अपने नौ साथियों के साथ असम की डिब्रूगढ़ जेल में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक जिला प्रशासन द्वारा पारिवारिक सदस्यों और वकील को मिलने की इजाजत नहीं देने के बाद ऐसा कदम उठाया है।

    पत्नी किरणदीप कौर ने गुरुवार को जेल में अमृतपाल (Amritpal Singh) से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने जानकारी दी कि अमृतपाल समेत सभी समर्थक भूख हड़ताल पर है। उन्होंने हड़ताल के पीछे एक कारण बताया कि पंजाब सरकार उन्हें अपने-अपने परिवारों से फोन पर संपर्क करने की अनुमति नहीं दे रही है और वकीलों से मिलने की भी इजाजत नहीं दी है।

    अकालतख्त साहिब के जत्थेदार रघबीर सिंह ने की निंदा

    श्री अकालतख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने डिब्रूगढ़ जेल में नजरबंद अमृतपाल सिंह के पारिवारिक सदस्यों एवं वकीलों को उनसे मुलाकात करने की इजाजत न देने के लिए पंजाब सरकार तथा जिला प्रशासन की निंदा की है। उन्होंने इसे मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन करार दिया है।

    रघबीर ने किया यह दावा

    उन्होंने खुलासा किया कि अमृतपाल सिंह व अन्य सिखों को जेल प्रबंधकों द्वारा मेडिकल सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं, जिसके चलते उनकी सेहत बिगड़ रही है। उन्होंने एसजीपीसी से उक्त मामला मुख्यमंत्री भगवंत मान के ध्यान में लाने का फरमान जारी किया है। उन्होंने पंजाब सरकार को भी कहा है कि सरकार अमृतसर के डीसी को स्वजनों और वकीलों से मुलाकात करवाने की हिदायत करें। ताकि मानवाधिकारों का उल्लंघन ना हो सके।

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    रघबीर सिंह ने एसजीपीसी प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी को मुख्यमंत्री भगवंत मान और जिलाधीश अमित तलवाड के समक्ष उक्त मामला रखने की ज्ञापन भी दिया। प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह की हिदायत पर एसजीपीसी सदस्य भाई मंजीत सिंह की अगुवाई में शिष्टमंडल ने डीसी कार्यालय में डीसी तलवाड की गैर मौजूदगी में सुपरिंटेंडेंट को आज दोपहर दो बजे ज्ञापन सौंपा है।

    डीसी तलवाड़ मुलाकात के लिए तुरंत स्वजनों को इजाजत प्रदान करें : धामी

    इसी बीच, प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने स्वजनों व वकीलों को अमृतपाल से मुलाकात करने की आज्ञा प्रदान ना करने को मानवाधिकारियों का उल्लंघन करार दिया है। उन्होंने डीसी अमित तलवाड़ से अविलंब उक्त इजाजत देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इजाजत ना देना अनुचित है क्योंकि वकीलों व स्वजनों के मुलाकात करने के हक को दबाया नहीं जा सकता है,उन्हें अमृतपाल से मिलने से रोका नहीं जा सकता है।

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