अमृतसर में अब हवा में सफर करेंगे पर्यटक, एयरपोर्ट-अटारी बॉर्डर और गोल्डन टेंपल के बीच चलेगी केबल कार
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अमृतसर के लिए केबल कार परियोजना की घोषणा की है, जो हवाई अड्डे, हरिमंदिर साहिब और वाघा बॉर्डर को जोड़ेगी। ...और पढ़ें

फोटो एआई द्वारा बनाई गई है।
HighLights
मुख्यमंत्री मान ने अमृतसर के लिए केबल कार की घोषणा की
एयरपोर्ट, हरिमंदिर साहिब, वाघा बॉर्डर को जोड़ेगी यह परियोजना
यातायात सुधारने और पर्यटन को बढ़ावा देने का लक्ष्य
सतीश शर्मा, अमृतसर। मुख्यमंत्री भगवत मान ने अमृतसर के लिए केबल कार प्रोजेक्ट शुरू करने की घोषणा की है। इसमें श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को श्री हरिमंदिर साहिब, आगे वाघा बार्डर और बस स्टैंड की कनेक्टिविटी की बात कही गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि पुराने शहर की तंग गलियों-सड़कों को चौड़ा करना संभव नहीं है, इसलिए केबल कार प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है, जिसमें हर दो मिनट बाद केबल कार चलेगी।
ये बात मुख्यमंत्री मान ने 19 मई को अपने गांव सतोज में पोल फ्री गांव के प्रोजेक्ट की शुरुआत करने के दौरान कही। इससे पहले शिरोमणि अकाली दल के कार्यकाल में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने भी वर्ष 2011 में मेग्नेटिक पाड प्रोजेक्ट लाने की घोषणा की थी, लेकिन व्यापारिक एसोसिएशनों व आटो चालकों के विरोध और सरकार बदलने के कारण सिरे नहीं चढ़ पाया था।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 में पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले दिसंबर 2011 में तत्कालीन उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने हाल गेट के बाहर अमृतसर को पर्सनल रेपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम (पीआरटीएस), जिसे मेग्नेटिक पाड के नाम से बेहतर जानते हैं, देने का वादा करते हुए नींवपत्थर रखा था।
यह प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया। पंजाब सरकार ने अल्ट्रा फेयरवुड प्राइवेट लिमिटेड के साथ गठजोड़ भी कर लिया था। वर्ष 2013 में फेयरवुड ने इस प्रोजेक्ट से पैर पीछे खींच लिए। उसके बाद से ही यह प्रोजेक्ट फाइलों में दबा रह गया। इसमें आटो चालकों और कुछ व्यापारिक एसोसिएशनों ने प्रोजेक्ट का विरोध भी किया था।
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प्रोजेक्ट की कीमत 198 करोड़
उस वक्त प्रोजेक्ट की कीमत 198 करोड़ रखी गई थी। यह प्रोजेक्ट शहर में आने वाले टूरिस्टों को सीधा दरबार साहिब पहुंचाने के लिए बनाया गया था। इसके लिए 3.50 किलोमीटर के दो रूट बनाए जाने थे, जिसमें पहला बस स्टैंड से दरबार साहिब और दूसरा रेलवे स्टेशन से दरबार साहिब तक का था। मेग्नेटिक पाड सिक्स सीटर एयरकंडीशंड स्व-चालित पाड है, जो बैटरी की सहायता से और लेजर गाइडेंस तकनीक से काम करता है।
चुने गए दो रूटों पर करीब 50 हजार यात्रियों को बिना किसी अड़चन के श्री हरिमंदिर साहिब तक पहुंचाने के लिए 200 ऐसे मेग्नेटिक पाड चलाए जाने थे। इस पाड को चलाने के लिए स्पेशल ट्रैक बनने थे, जो जमीन से 20 फीट ऊंचाई पर तैयार किए जाने थे। इस प्रोजेक्ट की घोषणा होने के तुरंत बाद से ही हाल गेट से दरबार साहिब तक के दुकानदारों ने इसका विरोध शुरू कर दिया था। उनका कहना था कि उनके अधिक ग्राहक टूरिस्ट हैं।
अगर टूरिस्ट पाड से सीधा ही दरबार साहिब और फिर वापस चले जाएंगे तो उनकी दुकानें बंद हो जाएंगी। वहीं, इसके बाद शिअद-भाजपा गठबंधन की सरकार चली गई थी। इस कारण भी ये प्रोजेक्टर सिरे नहीं चढ़ पाया।
ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी, पर्यटकों को फायदा होगा: भसीन
इलेक्ट्रिकल ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान बलबीर भसीन ने कहा कि केबल कार प्रोजेक्ट शहर के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार होगा।
शहर में रोजाना भारी संख्या में आने वाले पर्यटकों की गाड़ियां शहर के अंदर नहीं आने से ट्रैफिक जाम नहीं होगा। इससे बाजारों में वाहनों की बेतरतीब तरीके से होने वाली पार्किंग का झंझट भी खत्म होगा।
वहीं, ट्रैफिक जाम से बचने के कारण सभी का समय भी बचेगा और केबल कार से शहर में ट्रैफिक व्यवस्था का फायदा रहेगा। इससे गाड़ियां बाहर लगेंगी और पार्किंग बाहर होगी। इससे बाजारों में वाहनों का जमघट घटेगा।
कारोबारिक एसोसिएशनों से विचार-विमर्श जरूर हो: खोसला
फोकल प्वाइंट इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान संदीप खोसला ने कहा कि केबल कार प्रोजेक्ट शुरू होने से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी। यह भी ख्याल रखना जरूरी है कि इससे किसी के कारोबार पर कोई असर न पड़े।
प्रोजेक्ट के लिए किसी की दुकानदारी नहीं उजड़नी चाहिए। इससे पहले फेल हो चुके बीआरटीएस प्रोजेक्ट के कारण कई कारोबार ठप हुए हैं। केबल कार प्रोजेक्ट में इस बात का ख्याल रखा जाना चाहिए।
ट्रैफिक समस्या से निजात के लिए यह अच्छा प्रोजेक्ट है। इसमें कारोबारिक एसोसिएशनों की सलाह लेकर रूट तय करते हुए समयबद्ध तरीके से प्रोजेक्ट लागू करवाया जाए। प्रोजेक्ट को पूरी स्टडी के साथ धरातल पर उतारना चाहिए।