अमृतसर में भावुक कर देने वाला राखी महासम्मेलन, नशे की बलि चढ़े परिवारों की 356 महिलाओं ने BJP नेता को बांधी राखी
अमृतसर में भाजपा नेता अक्षय शर्मा को रक्षाबंधन पर 356 ऐसी महिलाओं ने राखी बांधी, जिन्होंने नशे के कारण अपने परिजनों को खोया है।
-1787708116001_m.webp)
BJP नेता को राखी बांधती महिलाएं। फोटो जागरण
HighLights
रक्षाबंधन पर अक्षय शर्मा को 356 महिलाओं ने बांधी राखी।
ये महिलाएं नशे के कारण अपने परिजनों को खो चुकी थीं।
शर्मा ने हलका उत्तरी को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया।
जागरण संवाददाता, अमृतसर। रक्षाबंधन के पावन पर्व के उपलक्ष्य में विधानसभा हलका उत्तरी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता अक्षय शर्मा की ओर से 'राखी महासम्मेलन' का आयोजन किया गया। भव्य कार्यक्रम में भारी संख्या में मातृशक्ति ने हिस्सा लिया। सम्मेलन का सबसे भावुक पहलू वह रहा जब नशे के दंश के कारण अपने पिता, पुत्र या भाई को खो चुकीं करीब 356 पीड़ित महिलाओं ने अक्षय शर्मा को राखी बांधकर अपना भाई स्वीकार किया।
कार्यक्रम के दौरान माहौल उस समय अत्यंत भावुक हो गया जब इन पीड़ित परिवारों की महिलाओं ने अक्षय शर्मा की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। बता दें कि अक्षय शर्मा लंबे समय से नशे से प्रभावित इन परिवारों के निरंतर संपर्क में हैं और उनकी हरसंभव सहायता करते आ रहे हैं। भावुक बहनों को ढांढस बंधाते हुए भाजपा नेता अक्षय शर्मा ने कहा कि ये महिलाएं उनके लिए केवल हलका उत्तरी की निवासी नहीं, बल्कि उनके अपने परिवार का अभिन्न हिस्सा हैं।
कई इलाकों में परिवार गरीबी रेखा से नीचे
उन्होंने इन परिवारों के दर्द को बहुत करीब से देखा और महसूस किया है। कार्यक्रम के जरिए जहां उन्होंने विरोधियों के समक्ष अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ और जनसमर्थन का प्रदर्शन किया, वहीं यह संदेश भी दिया कि जनता के साथ सच्चा जुड़ाव ही वास्तविक ताकत है। शर्मा ने कहा कि हलका उत्तरी के कई इलाकों में परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने को विवश हैं।
गरीबी कोई स्थायी मजबूरी नहीं बल्कि परिस्थितियों की देन है, जिसे इच्छाशक्ति और सही नीतियों से बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए युवाओं को आगे आकर नेतृत्व और जिम्मेदारी संभालनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि माताओं और बहनों का आशीर्वाद ही युवा शक्ति को नई ऊर्जा देता है। उनका मुख्य लक्ष्य हलका उत्तरी की तस्वीर को बदलना है, ताकि यहां का हर नागरिक मजबूर नहीं बल्कि आत्मनिर्भर और मजबूत बने।
