अमृतसर: डार्क वेब नेटवर्क से भेजी थी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरी ईमेल, आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी पंजाब पुलिस
अमृतसर के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी के मामले में पुलिस तीसरे दिन भी आरोपितों तक नहीं पहुंच पाई है। एसएसपी सोहेल मलिक के अनुसार, साइबर सेल ई-मेल ...और पढ़ें
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डार्क वेब नेटवर्क से भेजी थी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरी ईमेल। फाइल फोटो
HighLights
पुलिस को अभी तक नहीं मिला कोई सुराग।
साइबर सेल कर रही है मामले की जांच।
डार्क वेब के माध्यम से भेजी गई थी धमकी।
नवीन राजपूत, अमृतसर। गुरुनगरी के कुछ स्कूलों को बम से उड़ा देने की धमकी के मामले में पुलिस घटना के तीसरे दिन भी आरोपितों का पता नहीं लगा सकी है। एसएसपी सोहेल मलिक ने बताया कि साइबर सेल धमकी भरी ई मेल भेजने वाले आरोपितों का पता लगाने में जुटा है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि धमकी भरी ई-मेल डार्क वेब नेटवर्क के जरिए भेजी गई है। इसे ट्रेस कर पाना काफी मुश्किल होता है। इससे पहले भी डार्क वेब नेटवर्क के जरिए धमकियां मिल चुकी हैं और आरोपितों का आज तक पता नही लग सका है।
चार महीने पहले श्री हरिमंदिर साहिब को बम से उड़ा देने के मामले में 23 ई मेल शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने रिसीव किए थे, लेकिन आज तक आरोपितों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार सुबह शहर के कुछ स्कूलों को बम से उड़ा देने की धमकियां ई मेल के मार्फत भेजी गई थी। आनन-फानन में डीसी के आदेश पर शहर के सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया था।
क्या है डार्क वेब
डार्क वेब एक खास साफ्टवेयर है। जिसका अपना ही एक नेटवर्क होता है। कोई भी इसे अपने मोबाइल में डाउनलोड कर सकता है। इसे ट्रेस करना काफी मुश्किल है। इसमें इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति अपनी पहचान छिपाए रखता है।
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ज्यादातर इसका इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल साइबर अपराधी ही करते हैं। एक बड़े पुलिस अधिकारी ने बताया कि डार्क वेब आने वाले दिनों में पुलिस के लिए भी चुनौती बनने वाला है, क्योंकि यह साइबर अपराध और अवैध गतिविधियों का बड़ा और आकर्षक केंद्र बनता जा रहा है।