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107 साल बाद भी गुमनाम हैं जलियांवाला बाग के सैकड़ों बलिदानियों के नाम, सूची सार्वजनिक करने की उठी मांग

Published: Mon, 13 Apr 2026 09:21 AM (IST)

जलियांवाला बाग नरसंहार के 107 साल बाद भी सैकड़ों बलिदानियों के नाम अज्ञात हैं। ब्रिटिश आंकड़ों में 379 मौतें बताई ...और पढ़ें

जलियांवाला बाग नरसंहार के 107 साल बाद भी सैकड़ों बलिदानियों के नाम अज्ञात हैं (फाइल फोटो)

जलियांवाला बाग नरसंहार के 107 साल बाद भी सैकड़ों बलिदानियों के नाम अज्ञात हैं (फाइल फोटो)

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जागरण संवददाता, अमृतसर। जलियांवाला बाग नरसंहार के 107 साल बीतने के बाद भी उन सैकड़ों निर्दोष लोगों के नाम सामने नहीं आए हैं जिन्होंने स्वतंत्रता की बलिवेदी पर प्राणों की आहुति दी।

13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में हजारों लोग बैसाखी का त्योहार मनाने और शांतिपूर्ण सभा के लिए इकट्ठा हुए थे। रेजिनाल्ड एडवर्ड हैरी डायर के आदेश पर सैनिकों ने उनपर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। उस दिन कितने लोगों का बलिदान हुए, इसका सच आज भी काल के गर्भ में छिपा है।

अंग्रेजी हुकूमत ने 379 मौतों का आंकड़ा दिया, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की जांच में यह संख्या 1,000 से अधिक बताई गई। कई इतिहासकार मानते हैं कि मरने वालों की संख्या 2,000 हो सकती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर वे बलिदानियों कौन थे, और उनके नाम क्या हैं?

इसी दर्द को आवाज देते हुए जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक ट्रस्ट के सदस्य और पूर्व सांसद तरलोचन सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर मांग की है कि बलिदानियों के नाम की प्रमाणित सूची तैयार करके उसे सार्वजनिक किया जाए।