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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    इमरजेंसी पर बवाल या अलगाववादी आंदोलन, कंगना की फिल्म का विरोध छोड़ क्यों लगाए गए 'खालिस्तान जिंदाबाद' के नारे?

    Updated: Fri, 17 Jan 2025 02:08 PM (IST)

    फिल्म इमरजेंसी का पंजाब राज्य में विरोध किया जा रहा है। यहां के प्रमुख शहरों में इस फिल्म को नहीं चलने दिया गया। अमृतसर में तो इसके विरोध में खालिस्ता ...और पढ़ें

    फिल्म इमरजेंसी के विरोध में लगे खालिस्तान जिंदाबाद के नारे
    फिल्म इमरजेंसी के विरोध में लगे खालिस्तान जिंदाबाद के नारे

     जागरण संवाददाता, (अमृतसर)। एक्ट्रेस कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी का पंजाब में कई जगहों पर विरोध किया जा रहा है। अब इस फिल्म के विरोध में खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए गए हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी यानी एसजीपीसी ने सिनेमाघरों जैसे पीवीआर सिनेमा, नैक्सस व अन्य जगहों पर इमरजेंसी फिल्म को रिलीज नहीं होने दिया है। फिल्म के विरोध प्रदर्शन के दौरान अमृतसर के ट्रिलियम मॉल के बाहर शिअद अमृतसर के वर्करों ने खालिस्तान जिंदाबाद और पंजाब सरकार मुर्दाबाद के नारे भी लगाए हैं।

    फिल्म के विरोध प्रदर्शन के दौरान अमृतसर के ट्रिलियम मॉल के बाहर शिअद अमृतसर के वर्करों ने खालिस्तान जिंदाबाद और पंजाब सरकार मुर्दाबाद के नारे भी लगाए हैं।

    फिल्म के विरोध के कारण उक्त मॉलों के मैनेजरों ने फिल्म को रिलीज नहीं किया। बता दें कि एसजीपीसी, शिअद अमृतसर व अन्य संगठनों के हजारों की संख्या में कर्मचारी व कार्यकर्ता उक्त सिनेमाघरों के बाहर सुबह 8.30 बजे ही इकट्ठे हो गए थे।

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    प्रदर्शन के समय भारी पुलिस बल भी मौजूद

    भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में उक्त संगठनों ने प्रदर्शन किया। एसजीपीसी सचिव प्रताप सिंह ने कंगना को पागल करार देते हुए कहा कि वह पहले भी किसानों के खिलाफ भी अनाप-शनाप बोलती रही है।

    सचिव प्रताप सिंह ने कहा कि वास्तव में फिल्म 1975-77 में लगी इमरजेंसी पर आधारित है लेकिन एक साजिश के तहत जरनैल सिंह भिंडरावाला के किरदार को गलत तरीके से दिखाया गया है जबकि इन सालों में जरनैल सिंह सक्रिय ही नहीं थे। 1984 के समय श्री अकालतख्त साहिब, श्री हरिमंदिर साहिब पर हुए हमले को फिल्म में न्याय संगत बताने का प्रयास किया गया है।

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    लुधियाना में भी लगी रोक, जालंधर के पीवीआर में सिनेमाघर के बाहर पुलिस तैनात

    लुधियाना के सिल्वर आर्क मॉल में इमरजेंसी फिल्म पर रोक लगा दी गई है। सुबह-सुबह एसजीपीसी के सदस्य व सिख संगठन माल के बाहर प्रदर्शन करने लगे। उनका कहना था कि रात को इस फिल्म की बुकिंग हो रही थी जिसके बाद वह यहां पहुंचे हैं। मॉल प्रबंधन ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि फिल्म नहीं दिखाई जा रही है।

    इसके अलावा मोगा, मुक्तसर, बठिंडा में भी फिल्म नहीं लगी है। जालंधर के पीवीआर सिनेमा के बाहर सिख संगठन और पुलिस तैनात रही। यहां पर फिल्म इमरजेंसी नहीं लगने दी गई। सिख संगठन डीसी को मांग पत्र देकर इस फिल्म पर रोक लगवाने के लिए पहुंचे।

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