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पढ़ाई के दबाव से परेशान होकर घर से निकलीं हरियाणा की किशोरियां, अमृतसर स्टेशन से हुईं बरामद

Published: Thu, 27 Aug 2026 11:22 PM (IST)

हरियाणा के झज्जर से पढ़ाई के दबाव से परेशान होकर दो 16 वर्षीय किशोरियां घर से भागकर अमृतसर पहुंचीं। उन्हें ...और पढ़ें

पढ़ाई के दबाव से परेशान हो हरियाणा से अमृतसर पहुंची दो किशोरियां।

पढ़ाई के दबाव से परेशान हो हरियाणा से अमृतसर पहुंची दो किशोरियां।

HighLights

  1. हरियाणा की दो किशोरियां पढ़ाई के दबाव से भागीं

  2. अमृतसर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ, चाइल्ड हेल्पलाइन ने बरामद किया

  3. काउंसलिंग के बाद बच्चियों को स्वजनों के हवाले किया गया

नितिन धीमान, अमृतसर। स्वजनों की ओर से पढ़ाई के दबाव से परेशान होकर हरियाणा के झज्जर जिले से 16 वर्ष की दो किशोरियां घर से निकल आईं और अमृतसर की ट्रेन पकड़ ली। दोनों किशोरियां ट्रेन से अमृतसर रेलवे स्टेशन पहुंचीं। यहां आरपीएफ और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने उन्हें बरामद कर लिया। पूछताछ और काउंसलिंग के बाद दोनों को उनके स्वजनों के हवाले कर दिया गया।

आरपीएफ पोस्ट अमृतसर की ओर से बुधवार को रेलवे स्टेशन पर दोनों किशोरियों के मिलने की जानकारी बाल कल्याण समिति को दी गई। सूचना मिलने के बाद आरपीएफ और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने दोनों को सुरक्षा में लिया।

इसके बाद बच्चियों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया, जहां उनकी काउंसलिंग की गई। बाल कल्याण समिति की ओर से एमके शर्मा ने बताया कि दोनों बच्चियां 16-16 वर्ष की हैं और हरियाणा की रहने वाली हैं। दोनों पढ़ाई के दबाव से परेशान थीं। घर में पढ़ाई करने के लिए बार-बार कहे जाने के बाद उन्होंने घर से निकलने का फैसला किया।

इसके बाद दोनों अमृतसर जाने वाली ट्रेन में सवार हो गईं और अमृतसर रेलवे स्टेशन पहुंच गईं। स्टेशन पर पहुंचने के बाद दोनों अकेली थीं। आरपीएफ की टीम की नजर उन पर पड़ी तो उनसे पूछताछ की गई। जब संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो स्थिति को देखते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन को भी सूचना दी गई।

दोनों बच्चियों को सुरक्षित संरक्षण में लेकर उनके स्वजनों से संपर्क किया गया। बाल कल्याण समिति के समक्ष बच्चियों की काउंसलिंग के दौरान भी उनके घर से निकलने की मुख्य वजह पढ़ाई का दबाव ही सामने आया।

समिति के सदस्य रुपिंदर कौर और पवनदीप भी इस दौरान मौजूद रहे। आरपीएफ की ओर से एएसआइ आशा, हेड कांस्टेबल संदीप सिंह और अन्य कर्मचारियों ने कार्रवाई में सहयोग किया। चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने भी बच्चियों से बातचीत करके उनकी स्थिति और घर से निकलने के कारणों की जानकारी ली। काउंसलिंग और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को उनके स्वजनों के हवाले कर दिया गया।