Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    INDIA Vs BHARAT विवाद में SGPC की एंट्री, हरजिंदर धामी बोले- संविधान से नहीं होनी चाहिए छेड़छाड़

    By VIPAN RANAEdited By: Rajat Mourya
    Updated: Wed, 06 Sep 2023 03:15 PM (IST)

    इंडिया और भारत नाम के विवाद में अब शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की एंट्री हो गई है। एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने कहा है कि किसी भी कीमत पर ...और पढ़ें

    शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रबंधक हरजिंदर सिंह धामी। (फाइल फोटो)
    शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रबंधक हरजिंदर सिंह धामी। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर धामी ने कहा कि नाम बदलने के लिए संविधान से छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए।
    2. एसजीपीसी चीफ ने कहा कि संविधान में देश को 'यूनियन स्टेट्स ऑफ इंडिया' का नाम दिया गया है।
    3. हरजिंदर धामी ने कहा कि एसजीपीसी देश को हिंदू राष्ट्र करार दिए जाने के खिलाफ है।

    अमृतसर, गुरमीत लूथरा। INDIA And BHARAT Controversy 'इंडिया' और 'भारत' नाम को लेकर शुरू हुए विवाद में अब शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की एंट्री भी हो गई है। एसजीपीसी प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा है कि संविधान से छेड़छाड़ कर देश का नाम नहीं बदला जाना चाहिए। एडवोकेट धामी ने कहा है कि संविधान में इसे 'यूनियन स्टेट्स ऑफ इंडिया' का नाम दिया गया है।

    एसजीपीसी प्रधान ने कहा कि जो पुरातन नाम और परम्परा देश की चलती आ रही है उससे छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए। एसजीपीसी देश को हिंदू राष्ट्र करार दिए जाने के खिलाफ है। सिख कौम की अपनी अलग पहचान, वजूद एवं परंपरा है। किसी को भी इससे छेड़छाड़ करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। देश का जो नाम पुरातन समय से चलता आ रहा है वैसा ही नाम चलते रहने देना चाहिए।

    हरजिंदर सिंह धामी (Harjinder Singh Dhami) ने आगे कहा कि यह गणतंत्र देश है, यूनियन स्टेट्स आफ इंडिया। इसमें विभिन्न धर्म, जाति व संप्रदाय के लोग निवास करते हैं। सभी स्टेट के लोगों की भाषा, त्योहार, सभ्याचार अलग-अलग हैं। जैसे कोई मुम्बई को बम्बई बुलाता है और कोई बॉम्बे कहकर पुकार लेता है।

    'सिख धर्म हिंदू राष्ट्र का हिस्सा नहीं है'

    उन्होंने कहा कि सिख धर्म हिंदू राष्ट्र का हिस्सा नहीं है। श्री गुरु नानक देव जी साहिब से चल रहा धर्म एक आजाद धर्म एवं विलक्ष्ण कौम है। बकौल धामी, हम (सिख कौम) हिंदू नहीं बल्कि अलग धर्म, वजूद व आजाद हस्ती के मालिक हैं। उन्होंने कहा कि इसे हिंदू राष्ट्र घोषित करने के प्रयास सफल नहीं होंगे। एडवोकेट धामी ने कहा कि अगर कोई भी इसे हिंदू राष्ट्र घोषित करने का प्रयास करेगा तो यह मुल्क के लिए अच्छी बात नहीं होगी। यह देश के हित में नहीं होगा।

    खबरें और भी

    'SGPC हरियाणा कमेटी चुनाव के लिए तैयार'

    प्रधान एडवोकेट धामी ने आगामी हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के संभावित चुनाव पर स्पष्ट किया कि एसजीपीसी चुनाव के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि इसके लिए केंद्र ने अलग से सिख गुरुद्वारा चुनाव आयोग का गठन किया हुआ है। आयोग ने तिथि व महीना तय करना है।

    खालड़ा को श्रद्धासुमन किए अर्पित

    प्रधान धामी ने मावनाधिकारों की रक्षा के लिए आवाज बुवंद करने वाले स्व. जसवंत सिंह खालड़ा के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि खालड़ा ने मानवाधिकारियों की रखवाली के लिए अपनी कुर्बानी दी थी। उन्होंने स्व. खालड़ा द्वारा जगाई जोत (ज्योति) की जवाला हर मन में जगने की कामना भी की।