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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Amritsar News: 'हम हिंसा के पक्षधर नहीं...', शिवसेना नेता संदीप थापर मामले पर बोले जत्‍थेदर हरप्रीत सिंह

    Updated: Mon, 08 Jul 2024 08:20 AM (IST)

    Amritsar News तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार हरप्रीत सिंह ने शिवसेना नेता के ऊपर हुए हमले (Attack on Shiv Sena Leader) पर बयान दिया है। उन्‍होंने क ...और पढ़ें

    थापर मामले में पर जत्‍थेदार हरप्रीत सिंह का बयान आया सामने
    थापर मामले में पर जत्‍थेदार हरप्रीत सिंह का बयान आया सामने

    HighLights

    1. धर्म के नाम पार नफरत फैलाते हैं लोग: जत्‍थेदार
    2. अमृतपाल सिंह पर भी जत्‍थेदार हरप्रीत सिंह ने दिया बयान

    जागरण संवाददाता, अमृतसर। तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि वह किसी भी प्रकार की हिंसा के पक्ष में नहीं हैं। जत्थेदार हरप्रीत सिंह श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में रविवार को आयोजित धार्मिक समागम में उपस्थित थे।

    उनसे लुधियाना में शिव सेना नेता संदीप थापर हुए हमले को लेकर प्रश्न पूछा गया था। उन्होंने कहा कि समाज के बहुत-से लोग दूसरे धर्मों के प्रति घृणा फैला रहे हैं तथा किसी भी धर्म के प्रति नकारात्मक शब्दावली का प्रयोग करना घृणा फैलाने के समतुल्य है।

    अमृतपाल सिंह के स्‍वजनों से भी की भेंट: जत्‍थेदार

    एक अन्य सवाल पर जत्थेदार ने कहा कि देश के अन्य समस्त राज्यों में किसी पर एनएसए लगाने की अवधि मात्र एक वर्ष है परंतु पंजाब में यह अवधि दो वर्ष है जो अनुचित है। उन्होंने खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह के स्वजनों से भेंट भी की।

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    इससे पहले अमृतपाल के पिता तरसेम सिंह व माता बलविंदर कौर ने कहा कि अमृतपाल संसद में सांसद रूप में शपथ ले चुके हैं इसलिए अब सरकार को एनएसए हटाकर उन्हें रिहा कर देना चाहिए। शिरोमणि अकाली दल (बादल) में जारी गुटबाजी पर जत्थेदार हरप्रीत सिंह ने कहा कि गुटबाजी अशोभनीय है, किसी भी पार्टी में गुटबाजी शोभा नहीं देती है।

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    मां के बयान से अमृतपाल ने जताई असहमति

    छह जुलाई को जारी पत्र में अमृतपाल सिंंह ने मां बलविंदर कौर के उस बयान पर असहमति जताई है जिसमें मां ने कहा था कि उनका बेटा खालिस्तान समर्थक नहीं है। अमृतपाल ने इंटरनेट मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा कि मां ने बयान अनजाने में दिया है तथा यदि स्वयं उन्हें पंथ अथवा परिवार में से किसी एक को चुनने का अवसर मिला तो वह सिख पंथ का चयन ही करेंगे।

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