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    अमृतसर के GNDH में नवजात गायब होने के बाद हड़कंप, बच्चा वार्ड में 18 पुलिसकर्मी तैनात; खौफ में परिजन

    Updated: Sun, 26 Jul 2026 09:05 AM (IST)

    गुरुनानक देव अस्पताल (जीएनडीएच) अमृतसर में नवजात शिशुओं के गायब होने की घटनाओं के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है। ...और पढ़ें

    अमृतसर के GNDH में नवजात गायब होने के बाद हड़कंप (प्रतीकात्मक फोटो)

    अमृतसर के GNDH में नवजात गायब होने के बाद हड़कंप (प्रतीकात्मक फोटो)

    नितिन धीमान, अमृतसर। गुरुनानक देव अस्पताल (जीएनडीएच) में पिछले एक वर्ष के दौरान नवजात शिशुओं के गायब होने की दो घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। सर्वाधिक संवेदनशील माने जाने वाले पांच मंजिला बच्चा वार्ड की हर मंजिल पर तीन—तीन तीन सुरक्षा कर्मियों की तैनाती कर दी गई है।

    करीब 18 कर्मचारियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा वार्ड में आने-जाने वाले लोगों पर भी नजर रखी जा रही है। उनसे पूछा जा रहा है कि वे अस्पताल में किससे मिलने आए हैं या उनका अस्पताल में कौन उपचाराधीन है।

    अस्पताल प्रशासन का दावा है कि मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए यह कदम उठाए गए हैं।हालांकि अस्पताल में इलाज करवाने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने के बावजूद उनके मन से डर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

    हाल के महीनों में नवजात शिशुओं के गायब होने की घटनाओं ने परिवारों के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी थी। इसका असर यह रहा कि प्रसव के बाद कई महिलाओं के स्वजन रातभर वार्ड में जागकर नवजात की निगरानी करते रहे ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके।

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    बच्चा वार्ड में भर्ती एक महिला ने बताया कि जब तक अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह भरोसेमंद नहीं बनती, तब तक वे अपने बच्चों को लेकर पूरी तरह निश्चिंत नहीं हो सकतीं। रात के समय वे बारी-बारी से जागते रहते हैं और नवजात को अपनी निगाहों से ओझल नहीं होने देते।

    अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. कर्मजीत सिंह के अनुसार पांच मंजिला बच्चा वार्ड में अब सुरक्षा कर्मियों की नियमित ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा वार्ड में प्रवेश करने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    सुरक्षा कर्मियों को विशेष रूप से नवजात वार्ड के आसपास सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने को कहा गया है। हालांकि नवजात वार्ड जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में केवल सुरक्षा कर्मियों की तैनाती ही पर्याप्त नहीं है।

    यहां आधुनिक सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, प्रवेश एवं निकास पर पहचान पत्र, विजिटर पास प्रणाली और प्रत्येक नवजात की डिजिटल ट्रैकिंग जैसी व्यवस्थाएं भी जरूरी हैं। इससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तुरंत पता लगाया जा सकता है।

    फिलहाल सुरक्षा प्रबंध पूरे करने के बाद अब अस्पताल प्रशासन सीसीटीवी कैमरों की भी जांच कर रहा है। कई स्थानों पर कैमरे नहीं हैं, वहां नए कैमरे इंस्टाल किए जाएंगे। इधर, ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मी यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि अंदर कौन गया और किससे मिलने गया। इसके साथ ही एक सुरक्षा कर्मी अंदर तैनात है जो नवजात या उसकी मां से मिलने आए लोगों पर नजर रख रहा है।