जीएनडीयू के 50वें दीक्षांत समारोह में पहुंची राष्ट्रपति मुर्मू, 12 मिनट के भाषण में पंजाब में नशाखोरी को बताया चुनौती
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अमृतसर के गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के 50वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया। उन्होंने 463 छात्रों को डिग्रियां प्रदान कीं ...और पढ़ें

गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी पहुंची राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी व अन्य।
HighLights
राष्ट्रपति मुर्मू ने जीएनडीयू के 50वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया
पंजाब में बढ़ती नशाखोरी को बड़ी चुनौती बताया
463 छात्रों को डिग्रियां प्रदान कीं, महिला सशक्तिकरण पर जोर
जागरण संवाददाता, अमृतसर। गुरु नानक देव विश्वविद्यालय (जीएनडीयू) के 50वें दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज दोपहर अमृतसर के गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी पहुंची। इस विशेष अवसर पर विश्वविद्यालय के 463 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की। इनमें 74 अंडरग्रेजुएट, 102 पोस्टग्रेजुएट, 270 पीएचडी डिग्रियां शामिल हैं। इसके अतिरिक्त मेमोरियल मेडल भी प्रदान किए गए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वीरवार को गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी की 50वीं कन्वोकेशन को 12 मिनट तक संबोधित किया। अपने भाषण के अंतिम चरण में उन्होंने पिछले कुछ सालों से पंजाब में बढ़ती नशाखोरी को चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि इसका सबसे अधिक प्रभाव युवाओं पर पड़ रहा है। इससे स्वास्थ्य समाज और आर्थिक तौर पर प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज के लिए इसका स्थाई समाधान होना जरूरी है। उन्होंने यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों की तरफ से शिक्षा के साथ ही खेलों के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा दिखाए जाने की सराहना की। उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर भी अपने विचार रखें।
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सुरक्षा को देखते हुए जीएनडीयू में कई लेयर सुरक्षा कवच तैयार किया गया है।
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राज्यपाल भी हुए शामिल
कार्यक्रम में राष्ट्रपति के साथ पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया यूनिवर्सिटी पहुंचे और उनके अलावा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी भी मौजूद रहे। वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान श्री अकाल तख्त साहिब कार्यालय में होने के कारण पहुंच नही पाए।
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प्रशासन ने विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा नाकों की संख्या बढ़ाई है तथा वीआईपी मूवमेंट के लिए विशेष रूट प्लान तैयार किया गया। राष्ट्रपति मुर्मू के दौर को देखते हुए पंजाब पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए।
अमृतसर के साथ-साथ गुरदासपुर, जालंधर, तरनतारन और लुधियाना से 2500 से अधिक अतिरिक्त पुलिसकर्मी शहर में तैनात किया गया। पूरे शहर में हाई अलर्ट घोषित है, जबकि अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
तीसरा अवसर, जब राष्ट्रपति कर रहे जीएनडीयू का दौरा
जीएनडीयू के 56 साल के इतिहास में यह तीसरा अवसर है जब कोई भारतीय राष्ट्रपति संस्थान का दौरा कर रहा है। वर्ष 1969 में तत्कालीन राष्ट्रपति वी.वी. गिरि ने विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी थी। इसके बाद 31 अगस्त 2004 को डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम यहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब अध्ययन केंद्र का उद्घाटन करने पहुंचे थे।