'जंतर-मंतर प्रदर्शन से पाकिस्तानी ISI का कोई संबंध नहीं', पंजाब पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का किया खंडन
पंजाब पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित एडिटेड वीडियो और भ्रामक कैप्शन का खंडन किया है। ...और पढ़ें

पंजाब पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का किया खंडन (फाइल फोटो)
HighLights
पंजाब पुलिस ने एडिटेड वीडियो और भ्रामक कैप्शन का खंडन किया।
अमृतसर आतंकी मॉड्यूल का जंतर मंतर प्रदर्शन से संबंध नहीं।
आतंकियों ने जंतर मंतर की रेकी कर हमले की योजना बनाई।
जागरण संवाददाता, अमृतसर। पंजाब पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे कुछ एडिटेड वीडियो और भ्रामक कैप्शन को लेकर स्पष्ट किया है कि अमृतसर पुलिस द्वारा पकड़े गए पाकिस्तानी आईएसआई समर्थित आतंकी मॉड्यूल का नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है।
कुछ सोशल मीडिया हैंडल द्वारा वीडियो को काट-छांटकर इस तरह प्रस्तुत किया गया है, जिससे गलत धारणा बन रही है कि गिरफ्तार आरोपी प्रदर्शन का हिस्सा थे।
चार अगस्त को क्या कहा था?
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, पंजाब की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 4 अगस्त को अमृतसर के पुलिस आयुक्त की प्रेस वार्ता में स्पष्ट बताया गया था कि गिरफ्तार आरोपियों ने जंतर-मंतर का दौरा कर वहां की रेकी की थी और प्रदर्शनकारियों पर पेट्रोल बम से हमला करने की योजना बनाई थी।
प्रेस वार्ता में कहीं भी यह नहीं कहा गया कि आरोपी प्रदर्शन में शामिल थे या प्रदर्शनकारियों का आतंकी मॉड्यूल से कोई संबंध था।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो की पृष्ठभूमि बदलकर, चुनिंदा हिस्सों को काटकर और भ्रामक कैप्शन जोड़कर ऐसा संदेश देने की कोशिश की गई, जिससे वास्तविक बयान का गलत अर्थ निकले।
कैप्शन दर्शकों को भ्रमित कर सकता है: पंजाब पुलिस
उन्होंने कहा कि मूल ऑडियो या तथ्यों से छेड़छाड़ नहीं की गई, लेकिन वीडियो की चयनात्मक एडिटिंग और उसके साथ लगाए गए कैप्शन दर्शकों को भ्रमित कर सकते हैं। पंजाब पुलिस ने कहा कि इस मामले में सूचना प्रौद्योगिकी(आईटी)अधिनियम के प्रावधानों के तहत उचित कानूनी कार्रवाई की जा रही है।