यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बिना पगड़ी सिख युवकों को डिपोर्ट करने पर भड़की SGPC, बेअदबी को लेकर अमेरिका को लिखेगी पत्र
अमेरिका से डिपोर्ट होकर आए सिख युवकों के हाथों में हथकड़ियां और पैरों में बेड़ियां देखकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) भड़क गई है। एसजीप ...और पढ़ें

HighLights
- अमेरिका से डिपोर्ट हुए सिख युवकों के साथ अमानवीय व्यवहार
- सिख युवकों को बिना पगड़ी लाने पर एसजीपीसी नाराज
जागरण संवाददाता, अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee) ने अमेरिका से डिपोर्ट (US Deportation) होकर एयरपोर्ट पहुंचे युवकों के हाथों में हथकड़ियां व पैरों में बेड़ियां डालने के लिए अमेरिका व भारत सरकार की आलोचना की है।
एसजीपीसी ने युवाओं को बिना पगड़ी लाने के लिए निंदा की
एसजीपीसी (SGPC) के पूर्व महासचिव गुरचरण सिंह ग्रेवाल (Gurcharan Singh Grewal) ने युवाओं को बिना दस्तार (पगड़ी) के यहां लाने के लिए भी निंदा की। उन्होंने कहा कि दस्तार की बेअदबी का मुद्दा एसजीपीसी शीघ्र ही अमेरिकी सरकार के समक्ष उठाएगी और इस संदर्भ में पत्र भेजा जाएगा। ग्रेवाल ने एसजीपीसी की ओर से एयरपोर्ट पर सिख युवकों के सिर पर पगड़ियां बंधवाईं।

श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर लंगर की सेवा करते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कर्मचारी।
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उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) से जानना चाहा कि उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) से मुलाकात के बावजूद उक्त मुद्दा क्यों नहीं उठाया ? क्यों देशवासियों विशेषकर पंजाबियों के पैरों में बेड़ियां डालने जैसे अमानवीय कृत्य के बारे बातचीत नहीं की।
एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद युवकों को पगड़ी पहनाई गई
एसजीपीसी (SGPC) ने दस्तार की बेअदबी रोकने के लिए एयरपोर्ट की सीआईएसएफ से पगड़ियां लेकर युवकों के सिर पर बंधवाई हैं। उन्होंने कहा कि डिपोर्ट हुए लोगों को जहां लंगर बांटा जा रहा है, वहीं जो एसजीपीसी के वाहन द्वारा घर जाना चाहता है, तो उन्हें उनके घरों तक पहुंचाया जाएगा।
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अमेरिका से डिपोर्ट होकर अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद अपने घर को लौटते हुए युवक।
बिना पगड़ी लाने पर एसजीपीसी अमेरिका को लिखेगी पत्र
वहीं, एंबुलेंस व अन्य बसों के अलावा युवकों की सहायता के लिए एसजीपीसी (SGPC) द्वारा कर्मचारियों की तैनाती भी की गई है। ग्रेवाल ने साफ किया कि एसजीपीसी जल्द ही दस्तार की बेअदबी का मुद्दा अमेरिकी सरकार के समक्ष उठाएगी और जल्द ही अमेरिकी सरकार को इस संदर्भ में पत्र भेजा जाएगा।

अमेरिका से डिपोर्ट होकर अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पहुंचे युवक को उसके घर ले जाते हुए संबंधित थाने के पुलिसकर्मी।
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