यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Punjab News: 24 वर्ष पहले हुई बेटी की हत्या, श्री अकाल तख्त ने बीबी जागीर कौर से अब मांगा स्पष्टीकरण
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की पूर्व प्रधान बीबी जागीर कौर को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने 24 साल पहले गर्भवती बे ...और पढ़ें

HighLights
- बीबी जागीर कौर पर अपनी बेटी हरप्रीत कौर का कत्ल करने का आरोप।
- बेगोवाल स्थित पैतृक निवास पर मृत पाई गई थी बीबी जागीर कौर की बेटी।
- एक सप्ताह में निजी तौर पर पेश होकर स्पष्टीकरण देने की हिदायत।
जागरण संवाददाता, अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की पूर्व प्रधान बीबी जागीर कौर की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ने लगी हैं। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने जागीर कौर से 24 वर्ष पहले गर्भवती बेटी हरप्रीत कौर की हत्या व अपने केशों की बेअदबी करने को लेकर लगे आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा है।
एक सप्ताह में स्पष्टीकरण देने की हिदायत
श्री अकाल तख्त साहिब से 25 सितंबर को जारी पत्र में उन्हें एक सप्ताह में निजी तौर पर पेश होकर स्पष्टीकरण देने की हिदायत दी गई है। जागीर कौर को भेजे पत्र में जत्थेदार रघबीर सिंह ने कहा कि श्री अकालतख्त साहिब को इस संबंध में लिखित शिकायतें मिली हैं। इसी कारण उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।
20 अप्रैल, 2000 को घर में मृत पाई गई थी हरप्रीत कौर
जागीर कौर की गर्भवती बेटी हरप्रीत कौर 20 अप्रैल, 2000 को कपूरथला जिले के गांव बेगोवाल स्थित पैतृक निवास पर मृत पाई गई थी। हरप्रीत के पति होने का दावा करने वाले कमलजीत सिंह ने 21 अप्रैल को ही अदालत में याचिका दायर करके बीबी जागीर कौर पर अपनी बेटी की हत्या करने और आनन-फानन में उसका अंतिम संस्कार करने का आरोप लगाया था।
यह भी पढ़ें- वर्धमान ग्रुप के मालिक एसपी ओसवाल से 7 करोड़ की ठगी, फर्जी अरेस्ट वारंट दिखाकर डराया
सिंह साहिबान की बैठक की तिथि की घोषणा नहीं
उधर, पांचों तख्तों के सिंह साहिबान की ओर से 30 अगस्त को शिअद के प्रधान सुखबीर बादल को तनखैया घोषित करते हुए उन्हें माफीनामा देने की हिदायत दी गई थी। इसी के साथ ही बादल सरकार के दौरान मंत्री रहे 17 सिख मंत्रियों से भी शिअद सरकार के दौरान हुई गलतियों व गुनाह के लिए स्पष्टीकरण मांगा था।
खबरें और भी
सुखबीर बादल समेत सभी सिख मंत्रियों की ओर से स्पष्टीकरण दे दिया गया है। अब इस मामले में सिंह साहिबान को बैठक कर फैसला लेना है, लेकिन अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि यह बैठक कब होगी।