बरनाला घटना पर राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने लिया स्वत: संज्ञान, पंजाब सरकार से 7 दिन में मांगी रिपोर्ट
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर पुलिस बल प्रयोग के मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव को 7 दिन ...और पढ़ें
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बरनाला में सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प। फोटो जागरण
HighLights
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने बरनाला घटना का स्वतः संज्ञान लिया।
पंजाब मुख्य सचिव को 7 दिन में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश।
दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई, कर्मचारियों के अधिकार सुनिश्चित हों।
जागरण संवाददाता, बरनाला। बरनाला में सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुए कथित टकराव व बल प्रयोग के मामले में राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने स्वत: संज्ञान (सुओ-मोटो) लिया है। आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा (आईएएस) को पत्र लिखकर पूरे मामले की तत्काल, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने व सात दिनों के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट आयोग को भेजने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने अपने पत्र में कहा है कि विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से उसके संज्ञान में यह मामला आया है, जिनमें आरोप लगाया गया है कि बरनाला में प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों को हटाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया। आयोग ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि सफाई कर्मचारी समाज के सबसे कमजोर और संवेदनशील वर्गों में शामिल हैं व सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार उनके अधिकारों की रक्षा करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने स्पष्ट किया कि कथित अत्यधिक बल प्रयोग अथवा सफाई कर्मचारियों के अधिकारों के उल्लंघन से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई अधिकारी आरोपित पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। आयोग ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि बरनाला के एसएसपी सहित जिला पुलिस की भूमिका की भी आयोग अपने अधिकार क्षेत्र के तहत जांच करेगा।
मुख्य सचिव को निर्देश दिए गए हैं कि वे पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से मामले की परिस्थितियों, कथित बल प्रयोग तथा उससे जुड़े सभी तथ्यों पर विस्तृत रिपोर्ट सात दिनों के भीतर उपलब्ध कराने को कहें। आयोग ने पंजाब सरकार से यह भी अपेक्षा जताई है कि सफाई कर्मचारियों के अधिकार, सम्मान और सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित किए जाएं। साथ ही आंदोलन के शांतिपूर्ण समाधान के लिए सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ रचनात्मक संवाद शुरू करने की भी सलाह दी गई है।
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हरदीप सिंह गिल ने अपने पत्र में विश्वास व्यक्त किया कि पंजाब सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से लेते हुए संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप कार्रवाई करेगी और सफाई कर्मचारियों के सम्मान व अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करेगी। आयोग ने स्पष्ट किया कि सफाई कर्मचारियों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर आयोग इस पूरे मामले की आगे भी निगरानी करता रहेगा।