यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पंजाब के बठिंडा में टला बड़ा हादसा, पाइलपाइन टूटने से लीक हुई गैस; इलाके में मची अफरा-तफरी
बठिंडा में सीवरेज लाइन बिछाने के दौरान गुजरात गैस कंपनी की भूमिगत गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे गैस रिसाव हुआ और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सी ...और पढ़ें

बठिंडा में पाइलपाइन टूटने लीक हुई गैस (जागरण फोटो)
जागरण संवाददाता, बठिंडा। शहर की अमरीक सिंह रोड से वीर कॉलोनी में डाली जा रही नई सीवरेज लाइन का काम करते समय गुजरात गैस कंपनी की तरफ से अंडरग्राउंड बिछाई गई गैस पाइप लाइन में किसी लोहे की चीज टकराने से लीकेज हो गई। जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सीवरेज बोर्ड और ठेकेदार के कर्मचारियों ने गुजरात गैस कंपनी के अधिकारियों से संपर्क कर उक्त गैस पाइप लाइन की सप्लाई बंद करवाई। जिसके बाद जेसीबी की मदद से खुदाई कर लीकेज पाइप लाइन को बदलने का काम शुरू किया गया, जोकि देर शाम तक जारी रहा था।
पहले भी हो चुकीं ऐसी घटनाएं
इससे पहले भी शहर में सीवरेज व वाटर सप्लाई का काम करते कई स्थानों पर गैस लीकेज की घटनाएं हो चुकी है। यह घटनाएं ऐसे समय में हो रही है जब गुजरात गैस पाइप लाइन की तरफ से शहर के विभिन्न हिस्सों में कुछ मीटर की दूरी पर ही गैस पाइप लाइन होने संबंधी संकेतिक बोर्ड लगा रखे हैं।
इसके बावजूद नगर निगम व सीवरेज बोर्ड खुदाई व रिपेयर का काम करने से पहले तकनीकि माहिरों के माध्यम से ठेकेदार व काम करने वाले मजदूरों को जागरूक नहीं करते हैं। इससे कई बार लीकेज लोगों के लिए भारी पड़ सकती है। वहीं
सीवरेज बोर्ड की लापरवाही के चलते एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया।
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खुदाई के दौरान क्षतिग्रस्त हुई पाइपलाइन
जानकारी अनुसार सीवरेज बोर्ड की तरफ से अमरीक सिंह रोड से लेकर वीर कॉलोनी तक नई सीवरेज लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। मंगलवार दोपहर को सीवरेज पाइप डालने का काम चल रहा था, तभी अचानक खुदाई के दौरान एक अहम गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। देखते ही देखते पाइप से तेज़ी से गैस का रिसाव शुरू हो गया और पूरे इलाके में गैस की दुर्गंध फैल गई।
लोगों ने आनन-फानन में दमकल विभाग और एजेंसी को सूचना दी। गनीमत रही कि समय रहते आग नहीं लगी, वरना पास ही स्थित उड़ंग सिनेमा हाल और आसपास के रिहायशी घरों में भीषण तबाही मच सकती थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अगर चिंगारी तक पहुंच जाती, तो पूरा इलाका आग की लपटों में घिर सकता था।
वीर कॉलोनी निवासी केवल कृष्ण अग्रवाल, दविंदर गर्ग, तरसेम लाल, मनोहर लाल व अन्य ने प्रशासन और सीवरेज बोर्ड को आड़े हाथों लिया। उनका कहना है कि यह पूरी तरह से विभाग की लापरवाही है। कॉलोनीवासियों ने आशंका जताई कि ऐसे हादसे दोबारा भी हो सकते हैं, क्योंकि क्षेत्र में बिछी गैस पाइपलाइनों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। स्थानीय लोगों की मांग है कि अब हर खुदाई कार्य से पहले गैस कंपनी और अन्य संबंधित विभागों से अनुमति और तकनीकी निरीक्षण अनिवार्य किया जाए। साथ ही सभी गैस पाइप लाइनों का आडिट कर उनकी सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित की जाए।