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बठिंडा में CM मान का घेराव करने पहुंचे 1158 सहायक प्रोफेसर, पुलिस ने बस अड्डे पर रोका; नौकरी सुरक्षा की मांग पर अड़े

Published: Sat, 05 Sep 2026 09:14 PM (IST)

बठिंडा में मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यक्रम के दौरान 1158 सहायक प्रोफेसरों और लाइब्रेरियन फ्रंट ने घेराव का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें बस अड्डे के पास रोका।

बठिंडा में CM मान का घेराव करने की कोशिश। फोटो जागरण

बठिंडा में CM मान का घेराव करने की कोशिश। फोटो जागरण

HighLights

  1. मुख्यमंत्री मान के कार्यक्रम में घेराव का प्रयास।

  2. 1158 सहायक प्रोफेसरों ने नौकरी सुरक्षा मांगी।

  3. उच्च शिक्षा बजट व विभागीय धक्केशाही रोकने की मांग।

जागरण संवाददाता, बठिंडा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के शनिवार को बठिंडा के शहीद भगत सिंह स्टेडियम में आयोजित ‘खेड़ा वतन पंजाब दियां-2026’ कार्यक्रम के दौरान विभिन्न संगठनों ने उनका घेराव करने का प्रयास किया।

1158 सहायक प्रोफेसर एवं लाइब्रेरियन फ्रंट सहित अन्य संगठनों के नेता और कार्यकर्ता अपनी मांगें मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए स्टेडियम की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें बस अड्डे के पास ही रोक दिया। इससे नाराज प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष व्यक्त किया।

रोजगार पर गहराया संकट

1158 फ्रंट की मुख्य मांग सरकारी कॉलेजों में भर्ती किए गए 1158 सहायक प्रोफेसरों और लाइब्रेरियनों की नौकरियों की सुरक्षा है। फ्रंट नेताओं ने बताया कि पंजाब के सरकारी कॉलेजों में करीब 25 साल बाद सहायक प्रोफेसरों और लाइब्रेरियनों की भर्ती हुई थी, लेकिन बाद में कानूनी विवाद के कारण इन कर्मचारियों के रोजगार पर संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि इससे 1158 परिवारों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों की कमी भी बनी हुई है।

फ्रंट नेताओं ने सरकार से मांग की कि विधानसभा में कानून बनाकर 1158 सहायक प्रोफेसरों और लाइब्रेरियनों की नौकरियों को सुरक्षित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार केवल आश्वासन देने के बजाय इस मामले में ठोस और कानूनी कदम उठाए।

विभागीय स्तर पर कथित धक्केशाही बंद करने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने सरकारी कॉलेजों के वित्तीय संकट का समाधान करने की भी मांग की। फ्रंट नेताओं के अनुसार, सरकारी कॉलेजों में बुनियादी सुविधाओं, शिक्षकों और अन्य स्टाफ की कमी जैसी कई समस्याएं हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने और सरकारी कॉलेजों को मजबूत करने की मांग की।

फ्रंट नेताओं ने आरोप लगाया कि उच्च शिक्षा विभाग उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें मिलने वाली हकदार छुट्टियों पर रोक लगाने जैसे कदम उठा रहा है। उन्होंने इसे गलत बताते हुए विभागीय स्तर पर कथित धक्केशाही बंद करने की मांग की।

फ्रंट नेताओं ने बताया कि इससे पहले भी अपनी मांगों को लेकर चंडीगढ़ में प्रदर्शन किया गया था। उस समय प्रशासन ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ बैठक करवाने का लिखित आश्वासन दिया था। नेताओं ने कहा कि सरकार अपने वादे के अनुसार मुख्यमंत्री के साथ बैठक करवाकर मांगों का समाधान करे।

मुख्यमंत्री के बठिंडा पहुंचने पर संगठनों के घेराव की कोशिश को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। स्टेडियम की ओर बढ़ रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं को बस अड्डे के पास रोक दिया गया। फ्रंट नेताओं ने कहा कि जब तक 1158 सहायक प्रोफेसरों और लाइब्रेरियनों के रोजगार की सुरक्षा समेत अन्य मांगों का ठोस समाधान नहीं होता, उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने मांगें नहीं माने जाने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।