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    ई-फार्मेसी और कॉर्पोरेट नीतियों के खिलाफ बठिंडा के दवा विक्रेता लामबंद, 20 मई को करेंगे हड़ताल

    Updated: Sun, 17 May 2026 01:26 PM (IST)

    बठिंडा में दवा विक्रेता ई-फार्मेसी के गैर-कानूनी कामकाज और कॉर्पोरेट नीतियों के खिलाफ 20 मई को हड़ताल करेंगे। ...और पढ़ें

    बठिंडा में 20 मई को दवा की दुकानें रहेंगी बंद (फोटो: जागरण)

    बठिंडा में 20 मई को दवा की दुकानें रहेंगी बंद (फोटो: जागरण)

    HighLights

    1. ई-फार्मेसी के गैर-कानूनी कामकाज के खिलाफ मोर्चा खोला।

    2. 20 मई को देश भर में दवा दुकानें बंद रहेंगी।

    3. सांसद हरसिमरत कौर बादल को ज्ञापन सौंपा गया।

    जागरण संवाददाता, बठिंडा। देश भर के दवा विक्रेताओं ने ई-फार्मेसी के गैर-कानूनी कामकाज और बड़े कारर्पोरेट घरानों की मनमानी नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिला केमिस्ट एसोसिएशन ने जिला प्रधान अशोक बालियांवाली के नेतृत्व में बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल को ज्ञापन देकर मांग की है कि केमिस्टों की इन गंभीर चिंताओं को तुरंत केंद्र सरकार के सामने उठाया जाए।

    अशोक बालियांवाली ने कहा कि अगर केंद्र सरकार मांगों पर ध्यान नहीं देती है तो एआईओसीडी की अगुवाई में 20 मई को देश भर की दवा दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। सांसद हरसिमरत कौर बादल को सौंपे ज्ञापन में एसोसिएशन के जिला प्रधान अशोक बालियांवाली और दूसरे पदाधिकारियों ने ऑनलाइन दवा प्लेटफार्म पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

    जिसमें कहा गया कि ये प्लेटफार्म बिना किसी सख्त नियमों के काम कर रहे हैं, जो लोगों की सेहत के लिए खतरनाक है। उन्होंने कहा कि आनलाइन बिक्री के दौरान ओरिजिनल प्रिस्क्रिप्शन चेक नहीं किए जाते, जिससे दवाओं का गलत इस्तेमाल बढ़ रहा है।

    फार्मासिस्ट और मरीज के बीच सीधा संपर्क न होने से नकली दवाओं का खतरा बना रहता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार प्रिस्क्रिप्शन पर बैन दवाएं बेची जा रही हैं। अशोक बालियांवाली ने कहा कि बड़े कारपोरेट घराने भारी डिस्काउंट देकर छोटे केमिस्टों को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।

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    उन्होंने कहा कि अगर छोटे केमिस्ट खत्म हो गए, तो ग्रामीण इलाकों में हेल्थ सर्विसेज पर बुरा असर पड़ेगा। केमिस्टों की मुख्य मांगों की जानकारी देते हुए अशोक बालियांवाली कहा कि ई-फार्मेसियों के गैर-कानूनी कामकाज पर तुरंत रोक लगाई जाए, कोविड-19 के दौरान जारी नोटिफिकेशन जीएसआर 220 (ई) वापस लिया जाए, छोटे व्यापारियों को बचाने के लिए कारपोरेट्स की मनमानी पालिसी बंद की जाएं।

    एसोसिएशन ने ऐलान किया कि अगर केंद्र ने दखल नहीं दिया, तो आल इंडिया आर्गेनाइजेशन आफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स की अगुआई में आंदोलन तेज किया जाएगा। इस मौके पर जिला महासचिव रूपिंदर गुप्ता, जिला वित्त सचिव रमेश गर्ग, होलसेल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्ण गोयल, नथाना यूनिट प्रधान विजेंदर शर्मा, होलसेल के पूर्व प्रधान दर्शन जोड़ा और रामा यूनिट के प्रधान राजीव गोशा उपस्थित थे।