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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    शिअद-आप और कांग्रेस के वोट बैंक को लगी चोट, भाजपा ने खूब बटोरे वोट; फिर भी फरीदकोट से क्‍यों हारे हंस राज हंस?

    Updated: Fri, 07 Jun 2024 05:04 PM (IST)

    फरीदकोट लोकसभा सीट (Faridkot Lok Sabha Seat) के शहर रामपूरा फूल में भाजपा ने खूब वोट बटोरे हैं। भाजपा प्रत्‍याशी हंसराज हंंस (Hansraj Hans) को बाकी प् ...और पढ़ें

    शिअद-आप और कांग्रेस के वोट बैंक को लगी चोट, भाजपा ने खूब बटोरे वोट (फाइल फोटो)
    शिअद-आप और कांग्रेस के वोट बैंक को लगी चोट, भाजपा ने खूब बटोरे वोट (फाइल फोटो)

    जीवन जिंदल, रामपुरा फूल। चार जून को घोषित लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election Result 2024) नतीजों में हल्का फरीदकोट से भाजपा प्रत्याशी हंसराज हंस को भले ही पांचवें स्थान पर संतोष करना पड़ा हो। किंतु हलका फरीदकोट अंतर्गत आते शहर रामपुरा फूल में हंसराज हंस द्वारा खूब वोट बटोरे गए।

    स्थानीय शहर से कोई भी प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार हंसराज हंस के मुकाबले टिक नहीं पाया। दरअसल भाजपा प्रत्‍याशी हंसराज हंस को केवल स्‍थानीय शहर रामपूरा फूल से ही सबसे ज्‍यादा वोट मिले। 

    हंसराज हंस को मिले इतने वोट 

    भाजपा प्रत्याशी हंसराज हंस ने स्थानीय शहर से 7647 वोट हासिल किए जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार कर्मजीत अनमोल को 4508, कांग्रेस प्रत्याक्षी अमरजीत कौर साहोके को 2499, हल्का फरीदकोट से विजेता रहे निर्दलीय उम्मीदवार सरबजीत सिंह खालसा को 1908 तथा शिअद उम्मीदवार राजविंदर सिंह धरमकोट को महज 1002 वोट ही मिल पाए।

    स्थानीय शहर में नंबर वन बनने पर शहर के भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है तथा वे इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली केंद्र सरकार द्वारा पिछले दस वर्ष के दौरान किए गए लोक हितैषी कार्यों तथा मंदिर निर्माण का नतीजा बता रहे हैं।

    सवा दो वर्ष में स्थानीय शहर में बारह गुणा बढा भाजपा का ग्राफ

    स्थानीय शहर में पिछले सवा दो वर्ष में भाजपा केंद्र वोट बैंक में 12 गुणा इजाफा हुआ है। विधानसभा चुनाव 2022 में पहली बार शिअद से अलग होकर अपने दम पर चुनाव लड़ने वाली भाजपा को स्थानीय शहर से महज 608 वोट ही मिले थे जो कि लोकसभा चुनाव में बढ़कर 7647 हो गए हैं।

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    भाजपा को छोड़कर अन्य तीनों प्रमुख राजनीतिक दलों का वोट खिसक कर आधे से भी कम रह गया है। शहर में सबसे ज्यादा नुकसान शिअद को हुआ है जिसको विधानसभा चुनाव 2022 में मिले 6760 वोट के मुकाबले इस बार शहर से महज 1002 वोट ही मिल पाए हैं।

    नगर काउंसिल चुनाव के लिए उत्साहित भाजपाई

    लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को स्थानीय शहर से मिले भारी समर्थन से शहर के भाजपाई आगामी नगर काउंसिल चुनाव को लेकर काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। बता दें कि अप्रैल 2020 में कार्यकाल पूरा होने के बावजूद पिछले चार वर्ष से रामपुरा फूल में नगर काउंसिल के चुनाव नहीं हो पाए।

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    लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद अब राज्य की तीन दर्जन के करीब नगर काउंसिल के चुना जल्द ही करवाए जाने की संभावना है। शहर के भाजपाइयों का कहना है कि लोकसभा चुनाव की तरह नगर काउंसिल चुनाव में भी भाजपा भारी बहुमत के साथ जीत हासिल करेगी।