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    बठिंडा में रिश्वतखोरी पर विजिलेंस का शिकंजा, बेटे को बचाने और जमानत कराने के एवज में मांगी थी घूस

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 11:24 AM (IST)

    बठिंडा साइबर क्राइम थाने में एएसआई सतरूप सिंह और एसएचओ के रीडर गुरचरण सिंह को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते विजिलेंस ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

    बठिंडा में रिश्वतखोरी पर विजिलेंस का शिकंजा (प्रतीकात्मक फोटो)

    बठिंडा में रिश्वतखोरी पर विजिलेंस का शिकंजा (प्रतीकात्मक फोटो)

    HighLights

    1. बठिंडा साइबर थाने में एएसआई और रीडर गिरफ्तार।

    2. एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए।

    3. बेटे की गिरफ्तारी टालने, जमानत के लिए मांगी थी रिश्वत।

    जागरण संवाददाता, बठिंडा। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने साइबर क्राइम थाने में तैनात एक सहायक सब-इंस्पेक्टर (एएसआइ) और एसएचओ के रीडर को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

    दोनों आरोपितों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि आरोपितों की पहचान एएसआइ सतरूप सिंह और साइबर क्राइम थाना बठिंडा के एसएचओ के रीडर गुरचरण सिंह के रूप में हुई है। विजिलेंस ने यह कार्रवाई एक महिला की शिकायत पर की है।

    शिकायतकर्ता महिला ने बताया कि उसके बेटे के खिलाफ साइबर क्राइम थाना बठिंडा में मामला दर्ज था। बेटे को गिरफ्तार न करने और उसकी जमानत करवाने में मदद करने तथा दूसरी पार्टी से समझौता करवाने के बदले दोनों पुलिस कर्मचारियों ने एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी।

    महिला ने रिश्वत देने से इन्कार करते हुए विजिलेंस ब्यूरो के फ्लाइंग स्क्वायड-1, एसएएस नगर (मोहाली) से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद विजिलेंस टीम ने ट्रैप लगाया।

    बुधवार को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता ने आरोपितों को एक लाख रुपये की रिश्वत दी। जैसे ही दोनों ने रकम स्वीकार की, पहले से तैनात विजिलेंस टीम ने मौके पर ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ एसएएस नगर स्थित विजिलेंस थाने में भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत एफआइआर दर्ज कर ली है।

    अधिकारियों ने बताया कि आरोपितों से पूछताछ की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे प्रकरण में किसी अन्य पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका तो नहीं रही। उधर, शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया है कि रिश्वत मांगने के मामले में साइबर थाना के एसएचओ और एक अन्य कर्मचारी की भी भूमिका है।

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    उसका कहना है कि रिश्वत की मांग केवल गिरफ्तार किए गए दोनों कर्मचारियों तक सीमित नहीं थी, बल्कि पूरे मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उसने विजिलेंस अधिकारियों से सभी संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।