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बठिंडा में CM मान के कार्यक्रम का किसानों ने किया विरोध, पुलिस से झड़प के बाद लाठीचार्ज; हिरासत में कई किसान नेता

Published: Sat, 05 Sep 2026 08:40 PM (IST)

बठिंडा में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया और कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ने का प्रयास ...और पढ़ें

पुलिस से किसानों पर किया लाठीचार्ज। फोटो जागरण

पुलिस से किसानों पर किया लाठीचार्ज। फोटो जागरण

HighLights

  1. मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का विरोध करने पहुंचे किसान।

  2. पुलिस ने किसानों को रोका, हुई हल्की झड़प।

  3. कुछ किसान नेता हिरासत में लिए गए, विरोध जारी।

जागरण संवाददाता, बठिंडा। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का विरोध करने के लिए किसानों ने भी कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए विभिन्न स्थानों पर नाकाबंदी की थी, लेकिन किसान नेताओं के अनुसार अलग-अलग रास्तों से बड़ी संख्या में किसान एकत्रित होकर आगे बढ़ने में कामयाब रहे। पुलिस ने उन्हें कार्यक्रम स्थल और मंच के नजदीक पहुंचने से रोक दिया।

किसान नेताओं के अनुसार इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी तथा पुलिस की ओर से हल्का लाठीचार्ज किए जाने की बात कही गई। कुछ किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया और उन्हें अलग-अलग थानों में रखा गया।

हिरासत में कई किसान नेता

किसान नेता तथा किसान यूनियन सिद्धूपुर के अध्यक्ष रेशम सिंह यात्री ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पूरी ताकत झोंक दी और जगह-जगह नाकाबंदी की गई, लेकिन किसान अलग-अलग रास्तों से एकत्रित होने में सफल रहे। उन्होंने कहा कि किसानों को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में अपनी आवाज उठाने तक नहीं दी गई और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।

रेशम सिंह ने कहा कि किसानों का मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं किया जाता। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि किसानों और कर्मचारियों की मांगों को लगातार नजरअंदाज किया गया तो आने वाले दिनों में संघर्ष को और तेज किया जाएगा।

प्रदर्शनकारी ने की सरकार के खिलाफ नारेबाजी

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान एक साथ कई संगठनों और किसानों के विरोध की कोशिश को देखते हुए पुलिस ने स्टेडियम और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा का कड़ा घेरा बना रखा था। प्रदर्शनकारियों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने रास्तों पर बैरिकेडिंग की। इस दौरान हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को अलग-अलग थानों में ले जाने की कार्रवाई भी की गई।

एक ओर स्टेडियम में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम चलता रहा, वहीं दूसरी ओर कार्यक्रम स्थल से कुछ दूरी पर प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। कर्मचारियों और किसानों ने स्पष्ट किया कि केवल आश्वासनों से अब आंदोलन शांत नहीं होगा और मांगों का ठोस समाधान नहीं होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।