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    'यह बर्बरता चौंकाने वाली...', NEET पेपर लीक और किसान आंदोलन पर बोलीं हरसिमरत कौर, केंद्र सरकार से की अपील

    Updated: Tue, 21 Jul 2026 03:36 PM (IST)

    बठिंडा सांसद हरसिमरत कौर ने नीट पेपर लीक और छात्रों पर बर्बरता की निंदा करते हुए केंद्र से बातचीत की अपील की। ...और पढ़ें

    बठिंडा से सांसद हैं हरसिमरत कौर (फाइल फोटो)

    बठिंडा से सांसद हैं हरसिमरत कौर (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. हरसिमरत कौर ने नीट पेपर लीक को गंभीर मुद्दा बताया

    2. छात्रों पर बर्बरता की निंदा, सार्थक बातचीत की मांग

    3. पंजाब के किसानों के प्रदर्शन का समर्थन, ट्रेड डील पर चिंता

    डिजिटल डेस्क, बठिंडा। नीट एग्जाम लीक मामले में दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन के बीच पंजाब की बठिंडा विधानसभा सीट से सांसद हरसिमरत कौर की प्रतिक्रिया आई है। इसी के साथ उन्होंने पंजाब के किसानों के हित में भी बात कही।

    संसद के मानसून सत्र के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए हरसिमरत कौर ने कहा कि हमारे एजुकेशन सिस्टम में पेपर लीक और दूसरी दिक्कतें असलियत हैं। नीट पेपर लीक, सीबीएसई का खराब ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम और JEE मेन्स परीक्षा कराने में तकनीकी गड़बड़ियां ये सब सच हैं। माता-पिता अपने बच्चों की पढ़ाई पर अपनी ज़िंदगी भर की कमाई खर्च कर रहे हैं और अगर यह सिस्टम उन्हें निराश करता है, तो यह चिंता की बात है।

    छात्रों के साथ बर्बरता गलत: हरसिमरत कौर

    बठिंडा से सांसद हरसिमरत ने कहा कि अपनी शिकायतें बताने के लिए संसद की ओर मार्च कर रहे छात्रों के साथ जो बर्बरता की गई, वह चौंकाने वाली है। वे हमारा भविष्य हैं। उनके साथ ऐसा बर्ताव नहीं किया जा सकता। मैं केंद्र सरकार से फिर अपील करती हूं कि वह छात्रों के साथ सार्थक बातचीत करे और उन्हें अपनी सभी बातें रखने का मौका दे, जिसमें संसद में अपनी बात रखना भी शामिल है।

     

    किसानों को लेकर क्या बोलीं हरसिमरत?

    वहीं, भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील के मामले में दिल्ली कूच कर रहे पंजाबों के किसानों को लेकर उन्होंने कहा कि हरियाणा बॉर्डर पर बैरिकेड लगाकर पंजाब के किसानों को शांतिपूर्ण तरीके से राष्ट्रीय राजधानी तक मार्च करने और खेती से जुड़े भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ आवाज उठाने से रोकना निंदनीय है।

    खबरें और भी

    मैं संसद के पिछले दो सत्रों में यह मुद्दा उठाती रही हूँ, लेकिन सरकार ने अभी तक इस पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। किसानों को लगता है कि इस डील से सस्ते कृषि आयात और डेयरी उत्पाद आएंगे, जिससे उन पर बुरा असर पड़ेगा। केंद्र सरकार को किसानों पर ज़ोर-ज़बरदस्ती करने के बजाय उनसे बातचीत करनी चाहिए और उनकी शिकायतों का समाधान करना चाहिए।