यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'जल्द ही जय हिंद के नारे लगाता दिखेगा', अमृतपाल सिंह पर भड़के सिमरनजीत मान; कहा- उसकी कोई पहचान नहीं
पंजाब में खालिस्तान समर्थक नेताओं के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के प्रमुख सिमरनजीत सिंह मान (Simranjit Singh Mann) ने ख ...और पढ़ें

HighLights
- अमृतपाल का कद बढ़ता देख, बिफरे सिमरनजीत सिंह मान
- खुद ही की थी ताजपोशी, कौम का बताया था पहरेदार
गुरप्रेम लहरी, बठिंडा। एक समय अलगाववादी नेता अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) के सिर पर पगड़ी रख उसे सिख कौम का पहरेदार बताने वाले पूर्व सांसद व शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के प्रमुख सिमरनजीत सिंह मान (Simranjit Singh Mann) ने अब अमृतपाल सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मान का कहना है कि अमृतपाल की न तो अपनी कोई विचारधारा है और न ही कोई पहचान, वह जल्द ही जय हिंद के नारे लगाते हुए सुनाई देगा।
खालिस्तान समर्थक नेताओं में भी मतभेद
मान के इस बयान से एक बात साफ हो गई है कि राज्य में खालिस्तान की बात करने वाले नेताओं में भी मतभेद उभरने लगे हैं और नेता एक-दूसरे को नीचा दिखाने के लिए बयानबाजी करने से पीछे नहीं हट रहे।
अमृतपाल इस समय राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद है। अमृतपाल ने खडूर साहिब संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा था और जीत भी हासिल की थी जबकि उनकी ताजपोशी करने वाले सिमरनजीत सिंह मान संगरूर से चुनाव हार गए थे।
कभी अमृतपाल के साथ खड़े थे सिमरनजीत
चुनाव हार जाने के बाद सिमरनजीत सिंह मान को लग रहा है कि अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) उन पर हावी होते जा रहे हैं। इसके चलते अब मान ने उनके खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है।
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खास बात यह है कि लोकसभा चुनाव के समय सिमरनजीत सिंह मान सीना तानकर अमृतपाल के साथ खड़े थे लेकिन अब जब अमृतपाल खड़ूर साहिब से सांसद बन गए और मान को खुद शिकस्त का सामना करना पड़ा तो अब मान ने अमृतपाल के खिलाफ ही बोलना शुरू कर दिया है। मान का कहना है कि अमृतपाल तो जय हिंद कहने वालों में से हैं।
खडूर साहिब से निर्दलीय जीता था चुनाव
असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल ने पंजाब की खडूर साहिब सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीता। उसने भाजपा के मंजीत सिंह और आप के लालजीत भुल्लर तथा कांग्रेस के कुलबीर जीरा को शिकस्त दी थी। अमृतपाल को खडूर साहिब सीट से कुल 4 लाख चार हजार 430 वोट मिले थे।
जेल में क्यों बंद है अमृतपाल
अमृतपाल सिंह को पिछले साल अप्रैल में गिरफ्तार किया गया था। तकरीबन एक महीने फरार रहने के बाद अमृतपाल ने पंजाब के मोगा में सरेंडर किया। जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पंजाब पुलिस ने उसके खिलाफ नेशन सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के अंतर्गत मामला दर्ज किया है।