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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Punjab News: पूर्व वित्तमंत्री मनप्रीत बादल से विजिलेंस ने की 4 घंटे पूछताछ, प्रापर्टी खरीद को लेकर किए अधिकतर सवाल

By Jagran NewsEdited By: Shoyeb Ahmed
Updated: Mon, 20 Nov 2023 04:31 PM (IST)

मॉडल टाउन फेस वन में बीडीए से प्लाट अलाटमेंट मामले को लेकर पूर्व वित्तमंत्री व भाजपा नेता मनप्रीत सिंह बादल आज यानी सोमवार सुबह साढ़े 11 बजे विजिलेंस ...और पढ़ें

पूर्व वित्तमंत्री मनप्रीत बादल से विजिलेंस ब्यूरो में पूछताछ के लिए पहुंचे
पूर्व वित्तमंत्री मनप्रीत बादल से विजिलेंस ब्यूरो में पूछताछ के लिए पहुंचे

HighLights

  1. सोमवार सुबह साढ़े 11 बजे तीसरी बार पहुंचे विजिलेंस दफ्तर
  2. मुझे 100 बार बुलाए विजिलेंस, मैं सहयोग करूंगा- मनप्रीत बादल
  3. विजिलेंस ब्यूरो अब तक 8 आरोपियों को कर चुका है नामजद

जागरण संवाददाता, बठिंडा। मॉडल टाउन फेस वन में बीडीए से प्लॉट अलॉटमेंट केस में फंसे पूर्व वित्तमंत्री और भाजपा नेता मनप्रीत सिंह बादल (Manpreet Singh Badal) सोमवार सुबह साढ़े 11 बजे विजिलेंस दफ्तर (Vigilance Office) में तीसरी बार पहुंचे। इस दौरान विजिलेंस विभाग के अधिकारियों ने उनसे करीब 4 घंटे कर पूछताछ की।

पूछताछ में मनप्रीत बादल से प्लाटों की खरीद के समय किए गए एग्रीमेंट की असल कॉपी मांगी गई थी, जिसे उन्होंने आज विजिलेंस के सामने पेश किया। वहीं विजिलेंस ने मनप्रीत बादल की तरफ से गुडगांव में खरीदे गए फ्लैट के दस्तावेज भी मांगे गए।

विजिलेंस अधिकारियों ने ये कहा

इस मामले में विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि बीडीए में अधिकारियों के साथ साल 2018 में हुई बातचीत व इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए लोगों के साथ जांच के लिए बुलाए विभिन्न व्यापारियों के बयान के आधार पर सामने आए कई सवालों के क्रॉस प्रश्न भी किए गए।

इस तरह से पहले जहां मनप्रीत बादल से 15 सवाल पूछे थे, वही आज सोमवार की पेशी में उनसे सात सवाल पूछे गए है। इसमें प्रमुख तौर पर प्लाट किन तिथियों में खरीदे व पैसों का ट्रांसफर किन खातों से किया गया शामिल थे। आज की पेशी में मनप्रीत बादल मेडिकल फीट थे।

इससे पहले मनप्रीत नहीं हुए थे पेश

इससे पहले उन्होंने पेशी में अस्वस्थ्य होने की बात कहकर विजिलेंस के सामने मेडिकल सार्टिफिकेट भी पेश किया था। वहीं विजिलेंस ने कहा कि अब तक की जांच में सामने आए तथ्यों की जांच पूरी कर ली गई है।

वहीं अगर आगे जरूरत पड़ी, तो जांच में शामिल होने के लिए मनप्रीत को फिर से बुलाया जा सकता है। गौरतलब है कि विजिलेंस के अधिकारियों ने रविवार को ही नोटिस जारी कर मनप्रीत सिंह बादल को पूछताछ के लिए बठिंडा विजिलेंस दफ्तर बुलाया था।

भगवंत मान सरकार खुदप्रस्ती में फंसी : मनप्रीत बादल

पूछताछ के बाद बठिंडा विजिलेंस दफ्तर से बाहर निकले मनप्रीत बादल ने मीडिया से बातचीत की। जिसमें उन्होंने कहा कि मुझे विजिलेंस 100 बार बुलाए, मैं आने को तैयार हूं। हमेशा जांच का समर्थन करूंगा।

उन्होंने कहा कि विजिलेंस सवाल करती है, तो उसका जबाव दूंगा लेकिन अगर उन पर गलत आरोप लगा उन्हें फंसाने की कोशिश की जाती है, तो उसे सहन नहीं किया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवंत मान सरकार खुदप्रस्ती में फसी हुई है।

सरकार अपनी नाक बचाने के लिए यह सब कर रही : मनप्रीत बादल

उन्होंने आगे कहा कि सरकार नाक के लिए यह सब कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को समझना चाहिए कि उनकी मुट्ठी में रेत हैं और वह अपनी मुट्ठी में रेत रखकर जितनी जोर से दबाएंगे, वह रेत उतनी जल्दी नींचे गिरेगी व हाथ खाली रहेगा। सत्ता मिली है, तो उसे नियम से चलाओं व आपसी रंजिश निकालने के लिए इस्तेमाल न करे।

केस दर्ज होने के बाद दूसरी बार पेश हुए मनप्रीत बादल

बता दें कि इस केस में मामला दर्ज होने के बाद मनप्रीत सिंह बादल से दूसरी बार पूछताछ हुई। जबकि केस दर्ज होने से पहले भी मनप्रीत बादल को जांच के लिए विजिलेंस दफ्तर में बुलाया गया था। मनप्रीत बादल को हाईकोर्ट से जमानत मिली हुई है।

वहीं इसी मामले में उनके साथ नामजद किए गए शराब कारोबारी जसविंदर सिंह उर्फ जुगनू और एडवोकेट संजीव कुमार को कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। जुगनू और संजीव को लोकल कोर्ट में जमानत मिली, जबकि मनप्रीत सिंह बादल ने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत ली।

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विजिलेंस अधिकारियों ने किया ये दावा

इस मामले में विजिलेंस अधिकारियों का दावा है कि जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि मनप्रीत बादल के प्लॉट की बोली जुगनू के ऑफिस से एडवोकेट संजीव कुमार ने दी थी। इस मामले में गिरफ्तार किए गए विकास, राजीव और अमनदीप ने स्वीकार किया था कि उन्होंने उक्त ठेकेदार के कहने पर ही तत्कालीन मंत्री के प्लाट के लिए बोली लगाई थी।

हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने मामले की सुनवाई और जांच के लिए तत्कालीन बीडीए प्रशासक विक्रमजीत सिंह शेरगिल को 22 नवंबर को पेश होने के लिए कहा है।

अब तक 8 लोगों पर दर्ज किया जा चुका है मामला

बता दें कि विजिलेंस ब्यूरो अब तक 8 आरोपियों को नामजद कर चुकी है। जिसमें पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत बादल, तत्कालीन बीडीए प्रशासक विक्रमजीत सिंह शेरगिल, तत्कालीन बीडीए सुपरिटेंडेंट पंकज कालिया, राजीव कुमार, विकास अरोड़ा, अमनदीप, शराब कारोबारी जसविंदर सिंह जुगनू व एडवोकेट संजीव कुमार शामिल है।

इस मामले में विजिलेंस सिर्फ राजीव कुमार, विकास अरोड़ा, अमनदीप सिंह को गिरफ्तार करने में सफल रही है, जबकि मनप्रीत सिंह बादल समेत 5 आरोपियों ने गिरफ्तारी से पहले ही जमानत ले ली। कुछ दिन पहले ही नामजद किए शराब कारोबारी जसविंदर सिंह जुगनू व एडवोकेट संजीव कुमार को अदालत से अग्रिम जमानत मिल गई थी। जिस पर सुनवाई 23 नवंबर को होगी।

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