यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चंडीगढ़ में 32 रामलीला कमेटियों को मिली है मंचन की अनुमति, लागू होंगे कई नियम व शर्तें; एसडीएम ने दिए निर्देश
चंडीगढ़ में श्रीरामलीला मंचन की अनुमति के साथ सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) द्वारा दी गई तय नियम और शर्ते परेशानी देने वाली साबित हो रही है। शहर में ...और पढ़ें

HighLights
- शहर की 32 रामलीला कमेटियों को मिली है मंचन की अनुमति
- स्वयंसेवकों का फोटो पहचान पत्र और दर्शकों के लिए पार्किंग की सुविधा देना हुआ अनिवार्य
- भजनों को छोड़ रामलीला स्टेज पर फिल्मी या अभद्र, गीतों का संचालन किया गया है प्रतिबंधित
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। श्रीरामलीला मंचन की अनुमति के साथ सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) द्वारा तय नियम और शर्ते परेशानी देने वाली साबित हो रही है। शहर में 52 में से 32 रामलीला कमेटियों को विभिन्न स्थानों से मंचन की अनुमति मिली है।
गढ़वाल रामलीला एंड दशहरा कमेटी बिजली बोर्ड मंचन की शुरुआत 13 अक्टूबर से करने जा रहा है। इस बार मिली अनुमति में रामलीला कमेटियों पर विभिन्न नियम शर्तो को लागू किया गया है। इसका पालन करना होगा और उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई होगी। इस बार जारी अनुमति में एसडीएम ने 74 शर्तो की लिस्ट बनाकर जारी की है।
यह होंगी नियम व शर्तें लागू
श्रीरामलीला मंचन के अलावा स्टेज और दर्शकों को सुविधा देने वाले स्वयंसेवकों के पास फोटो वाला पहचान पत्र होना चाहिए। यह पहचान पत्र स्थानीय एसएचओ या फिर बीट इंचार्ज की सहमति से तैयार होना चाहिए। हर रामलीला कमेटी को 25 स्वयंसेवकों को तय करना अनिवार्य होगा।
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इसके अलावा दर्शकों के लिए साइकिल और स्कूटर पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि स्थानीय लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। रामलीला मंच से भजनों के अलावा फिल्मी या फिर कोई अन्य अभद्र गीतों का संचालन नहीं होना चाहिए।
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रामलीला का मंचन रात 8 से 12 बजे तक होगा
रामलीला मंचन की अनुमति रात आठ से 12 बजे तक की रहेगी। साढ़े 12 बजे तक मंचन परिसर को पूरी तरह से खाली करना होगा। मंचन के दौरान किसी प्रकार के जीवित पशु और पशु का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। श्रीरामलीला मंचन के दौरान आग बुझाने की व्यवस्था और आपातकाल में पंडाल से बाहर निकलने के लिए पर्याप्त जगह होनी चाहिए।