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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पंजाब सरकार की Farishte Yojana में अबतक 384 अस्पताल रजिस्टर्ड, सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा फ्री इलाज

    Updated: Sun, 28 Jan 2024 02:13 PM (GMT+05:30)

    पंजाब सरकार की फरिश्तें योजना को लेकर निजी अस्पतालों ने रुचि दिखानी शुरू कर दी है। सेहत विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अब तक राज्य में 384 अस्पतालों क ...और पढ़ें

    पंजाब सरकार की Farishte Yojana में अबतक 384 अस्पताल रजिस्ट
    पंजाब सरकार की Farishte Yojana में अबतक 384 अस्पताल रजिस्ट

    HighLights

    1. फरिश्तें योजना के तहत 384 अस्पताल रजिस्टर्ड जिसमें हैं 238 निजी अस्पताल
    2. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन है फरिश्ते योजना का हिस्सा
    3. सूचीबद्ध अस्पतालों को 2.2 पैकेज दरों के अनुसार मिलेगा मुआवजा

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। Punjab News: पंजाब सरकार की फरिश्ते योजना (Farishte Yojana) को लेकर निजी अस्पतालों ने रुचि दिखानी शुरू कर दी है। सेहत विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अब तक राज्य में 384 अस्पतालों को फरिश्ते योजना के तहत रजिस्टर्ड किया गया है, जिनमें से 146 सरकारी अस्पताल और 238 निजी अस्पताल है।

    इंडियन मेडिकल एसोसिएशन है फरिश्ते योजना का हिस्सा

    बता दें कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) पंजाब पहले ही इस योजना का हिस्सा बन चुका है। योजना में शामिल होने के लिए राज्य के अन्य निजी अस्पतालों को भी आगे आकर इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन करवाने को कहा। योजना में जो अस्पताल रजिस्ट्रेशन संबंधी किसी भी प्रश्न का उत्तर चाहते वे अपने संबंधित जिले के सिविल सर्जन से संपर्क कर सकते है।

    सूचीबद्ध अस्पतालों को  2.2 पैकेज दरों के अनुसार मिलेगा मुआवजा

    सूचीबद्ध होने वाले अस्पतालों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा परिभाषित एचबीपी 2.2 पैकेज दरों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के इलाज के लिए 52 पैकेजों की पहचान की है।

    फरिश्ते योजना में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा फ्री इलाज

    फरिश्ते योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों का मुफ्त इलाज किया जाएगा। सड़क दुर्घटना पीड़ितों के बहुमूल्य जीवन को बचाने के लिए गोल्डन आर का अधिक से अधिक प्रयोग करना मकसद है। सरकार राष्ट्रीय, जाति या सामाजिक-आर्थिक भेदभाव के बिना सभी सड़क दुर्घटना पीड़ितों को निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया जाएगा।

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    दुर्घटना के बाद पहला घंटा होता महत्वपूर्ण

    गौरतलब है कि गोल्डन आर सड़क दुर्घटना के बाद का पहला महत्वपूर्ण घंटा होता है, इस दौरान अगर गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को उचित देखभाल मिले तो उसके बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। राज्य भर के अस्पतालों, विशेष तौर पर प्राइमरी और सेकेंडरी देखभाल प्रदान करने वाले अस्पतालों से कीमती जीवन बचाने के लिए इस योजना में शामिल होने की अपील की।

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    पीड़ित को अस्पताल पहुंचाने वाले को मिलेगा दो हजार का पुरुस्कार 

    वहीं सड़क दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 2000 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। तक सड़क दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाला से पुलिस द्वारा कोई पूछताछ नहीं की जाएगी जब तक चश्मदीद गवाह बनने की इच्छा नहीं जताता। 

    पंजाब में तैनात की गई सड़क सुरक्षा फोर्स 

    विशेष रूप से, यह योजना विभिन्न मामलों में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप है, जिसमें जनता से दुर्घटना पीड़ितों को निकटतम सरकारी या सूचीबद्ध प्राईवेट अस्पतालों में लाने का आग्रह किया गया है। ध्यान रहे कि सड़क दुघर्टनाओं को कम करने के लिए बीते शनिवार को ही सड़क सुरक्षा फोर्स की भी राज्य की सड़कों पर तैनाती की गई है।

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