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चंडीगढ़ में पार्टी छोड़ने से पहले ही पार्षद रामचंद्र यादव को AAP ने किया निष्कासित, कांग्रेस का थामा हाथ

Published: Tue, 08 Sep 2026 12:02 PM (IST)

आम आदमी पार्टी के पार्षद रामचंद्र यादव मंगलवार को कांग्रेस में शामिल हुए। हालांकि, आप ने उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पहले ही निष्कासित कर दिया।

पार्षद रामचंद्र यादव।

पार्षद रामचंद्र यादव।

HighLights

  1. AAP पार्षद रामचंद्र यादव कांग्रेस में शामिल होंगे।

  2. पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में AAP ने निष्कासित किया।

  3. चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव से पहले AAP को झटका।

बलवान करिवाल, चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी को नगर निगम चुनाव से पहले एक और बड़ा झटका लगा है। आप के पार्षद रामचंद्र यादव मंगलवार को कांग्रेस में शामिल हो गए।

उन्होंने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ सेक्टर-35 स्थित चंडीगढ़ कांग्रेस भवन पहुंचकर कांग्रेस का हाथ थामा। रामचंद्र यादव के कांग्रेस में जाने की सूचना मिलते ही आम आदमी पार्टी ने भी उनके खिलाफ कार्रवाई कर दी।

पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए आप प्रभारी जमैल सिंह और प्रदेश अध्यक्ष विजेपाल यादव ने उन्हें पार्टी से निष्कासित करने के आदेश जारी कर दिए।

रामचंद्र यादव पिछले काफी समय से आप नेताओं से दूरी बनाए हुए थे। पार्टी के साथ उनकी खटपट भी चल रही थी। जनवरी में हुए मेयर चुनाव के दौरान उन्होंने पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के बजाय डिप्टी मेयर पद के लिए निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया था।

उस समय भी वह काफी चर्चा में रहे थे। हालांकि रामचंद्र यादव ने कहा था कि वह पार्टी के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उन्हें भी चुनाव लड़ने का मौका मिलना चाहिए, इसलिए उन्होंने नामांकन दाखिल किया है।

चुनाव के दिन उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया था। उनके इस कदम ने उस समय भी आप के भीतर चल रही नाराजगी को सामने ला दिया था।

अब नगर निगम चुनाव से कुछ महीने पहले उनका कांग्रेस में जाना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। रामचंद्र यादव वार्ड नंबर 15 से पार्षद हैं। आगामी नगर निगम चुनाव के लिए वार्डों के आरक्षण का ड्रॉ 11 सितंबर को होना है।

ऐसे में वार्ड 15 के आरक्षित होने की संभावना को भी उनके कांग्रेस में जाने की एक बड़ी वजह माना जा रहा है। यदि वार्ड आरक्षित हो जाता है तो रामचंद्र यादव के लिए वहां से दोबारा चुनाव लड़ना संभव नहीं होगा।

दूसरी ओर आप में रहते हुए किसी दूसरे वार्ड से टिकट मिलने की संभावना भी उनके लिए आसान नहीं दिखाई दे रही थी। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में शामिल होने को उनकी सोची-समझी राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि कांग्रेस उन्हें आगामी चुनाव में टिकट देगी या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

मुनव्वर के बाद अब रामचंद्र

आप के पार्षद मुनव्वर के कांग्रेस में शामिल होने के बाद ही रामचंद्र यादव के भी कांग्रेस में जाने की चर्चाएं तेज हो गई थीं। मुनव्वर ने जुलाई में कांग्रेस का हाथ थामा था। उनके शामिल होने के बाद कांग्रेस के पार्षदों की संख्या नौ हो गई थी।

हालांकि कांग्रेस ने दोनों पार्षदों को एक साथ पार्टी में शामिल कराने के बजाय अलग-अलग समय पर आप को झटका देने की रणनीति अपनाई। अब रामचंद्र यादव के शामिल होने के बाद कांग्रेस के पार्षदों की संख्या बढ़कर 10 हो गई।

2021 में सबसे बड़ी पार्टी थी आप

2021 के नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी 14 पार्षदों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। भाजपा को 12 और कांग्रेस को आठ सीटें मिली थीं, जबकि शिरोमणि अकाली दल के हरदीप सिंह ने एक सीट जीती थी। हरदीप सिंह बाद में आप में शामिल हो गए थे, जिसके बाद निगम में अकाली दल का कोई पार्षद नहीं बचा।

इसके बाद आप के पार्षदों के लगातार पाला बदलने से पार्टी की संख्या घटती गई। सुमन शर्मा और पूनम भाजपा में शामिल हुईं, जबकि कई पार्षद कांग्रेस का हाथ थाम चुके हैं। मुनव्वर के कांग्रेस में जाने के बाद आप की संख्या और कम हुई और अब रामचंद्र यादव के जाने के बाद आप के पास महज आठ पार्षद रह जाएंगे।

वहीं भाजपा और कांग्रेस लगातार आप के पार्षदों में सेंध लगाने में सफल रही हैं। ऐसे में 2026 के नगर निगम चुनाव से पहले दलों के बीच पार्षदों को अपने पाले में लाने की सियासत और तेज होने की संभावना है।

कभी 14 पार्षदों के साथ सदन की सबसे बड़ी पार्टी रही आप अब सात पार्षदों तक सिमट गई है। नेता प्रतिपक्ष का पद भी मुनव्वर के कांग्रेस में जाने के बाद आप के हाथ से निकल चुका है। अब रामचंद्र यादव के जाने से पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है।

  

पार्टी पार्षदों की संख्या
भाजपा 18
कांग्रेस 10
आम आदमी पार्टी 7
शिरोमणि अकाली दल 0

हरदीप सिंह के आप में शामिल होने के बाद से निगम में अकाली दल का कोई पार्षद नहीं है। इसके अलावा चंडीगढ़ के सांसद का सदन में अलग से मतदान अधिकार है।